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Saturday, September 3, 2022

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सोलर लाइटें

बजट पूंछने पर नगर पंचायत से नहीं मिल रहा जवाब 

वार्डों में सड़क किनारे व तिराहे-चौराहे पर लगी थी लाइटें

खागा/फतेहपुर, शमशाद खान । नगर के विभिन्न वार्डों में लगी सोलर स्ट्रीट लाइटें कई महीने से खराब हैं। वर्ष 2016-17 में लाखों रुपये की धनराशि खर्च करके सौर ऊर्जा संचालित स्ट्रीट लाइटें लगवाई गई थीं। बिजली गुल होने के बाद भी मोहल्ले के लोग आसानी से घरों से बाहर निकल पा रहे थे। इधर कई महीनों से सड़क किनारे व वार्डों के अंदर लगी स्ट्रीट लाइटों के खराब होने से लोगों को बिजली न रहने पर अंधेरे की समस्या उठानी पड़ती है।


नगर पंचायत द्वारा शासन से स्वीकृत योजना के तहत जीटी रोड, किशुनपुर रोड तथा सभी वार्डों में प्रमुख स्थानों पर सौर ऊर्जा संचालित स्ट्रीट लाइटें लगवाई गईं थी। प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में लाखों रुपये का बजट खर्च हुआ हालांकि एक साल के अंदर ही स्ट्रीट लाइटों में खराबी आनी शुरू हो गई। बैटरी खराबी की वजह से किशुनपुर रोड पर कई स्ट्रीट लाइटें बंद हो गईं। लंबे समय तक मरम्मत न होने की वजह से यह बेमकसद साबित हो रही हैं। सड़क चौड़ीकरण और नाला-नालियों की खोदाई में कई सोलर लाइटों को नुकसान पहुंचा तो इन्हें उखाड़ कर खंभा व सामान समेत नगर पंचायत पहुंचा दिया गया। किशुनपुर रोड पर चौड़ाखेर मोड़ के सामने, रामनगर मोड़, विजयनगर मोड़ तथा बीओबी के सामने लगी सोलर स्ट्रीट लाइटें कई वर्षों से नहीं काम कर रही हैं। जीटी रोड में यही स्थिति है। कोतवाली के पास, नीम टोला मोड़, मानू का पुरवा मोड़ तथा सब्जी मंडी में लगी सोलर लाइटें खराब होने से बिजली गुल होते ही सड़कों पर अंधाकुप हो जाता है।खराब पड़ी सोलर लाइटों के संबंध में अधिशाषी अधिकारी लालचंद्र मौर्य के मोबाइल नंबर पर काल करने से कोई जवाब नहीं मिला। कार्यालय कर्मचारियों ने जानकारी दी कि वह मीटिंग में हैं।

कुछ दिन जली, फिर बंद पड़ गईं

विजयनगर मोहल्ले में गिरजा देवी चौराहे पर लगी सोलर हाई मास्ट लाइट कुछ दिन जलने के बाद बंद पड़ गई। मोहल्ले के लोगों का कहना था कि कुछ दिन जलने के बाद सोलर लाइटें बंद पड़ गईं। बिजली गुल होने के बाद चौराहे पर अंधेरा पसर जाता है।

वर्षा के दिनों में सबसे अधिक समस्या

गर्मी और वर्षा के दिनों में बिजली कटौती बढ़ जाती है। सबसे अधिक कटौती रात में होती है। रात में कई-कई घंटे कटौती जारी रहने से लोगों को अंधेरे का सामना करना पड़ता है। सबसे अधिक मुश्किल पैदल राहगीरों को होती है। सोलर लाइटों की खराबी से मुख्य मार्ग व आबादी के अंदर अंधाकुप रहता है।


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