मोटर वाहन दुर्घटना न्यायाधिकरण ने पुलिस अधीक्षक चित्रकूट का वेतन रोका - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Tuesday, September 20, 2022

मोटर वाहन दुर्घटना न्यायाधिकरण ने पुलिस अधीक्षक चित्रकूट का वेतन रोका

जब तक निर्णीत धनराशि की वसूली नहीं होती,तब तक वेतन न दिया जाये

बाँदा, के एस दुबे - आदेश की सूचना जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य कोषाधिकारी चित्रकूट को विशेष शासकीय अधिवक्ता के माध्यम से भेजने का आदेश    चित्रकूट प्रशासन द्वारा  न्यायाधिकरण की उपेक्षा पर न्यायालय का  सख्त आदेश आज मंगलवार को पूरे दिन कचहरी प्रांगण में चर्चा का विषय रहा।  
बांदा /  बाकीदार से निर्णित धनराशि की वसूली न करने पर मोटर वाहन दुर्घटना न्यायालय के पीठासीन अधिकारी ने पुलिस कप्तान का वेतन अगले आदेश तक रोकने के लिए मुख्य कोषाधिकारी चित्रकूट को आदेश जारी किया है। आदेश की प्रतिलिपि जिला अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्य कोषाधिकारी चित्रकूट  को विशेष शासकीय अधिवक्ता श्री अतुल कुमार शुक्ला एडवोकेट के माध्यम से भेजने का फरमान जारी किया गया है। 
 

      मिली जानकारी के मुताबिक मोटर दुर्घटना न्यायाधिकरण बांदा ने श्री मती चंदा देवी आदि  बनाम राज किशोर व अन्य   के मामले में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण बांदा द्वारा दिनांक 29अप्रैल 2015 को अवार्ड पारित किया गया था जिसमे पुलिस अधीक्षक चित्रकूट और डी आई जी लखनऊ के विरुद्ध मु 501400.00 क्षतिपूर्ति की  राशि और याचिका योजित करने की तिथि से असल देय तिथि तक 7प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज की दर से दिलाए जाने का आदेश पारित किया गया था।         पीठासीन अधिकारी धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि 7 वर्ष व्यतीत होने के बावजूद किसी भी प्रकार की राशि न्यायाधिकरण में  नहीं जमा कराई गई। चित्रकूट जिला प्रशासन द्वारा केवल समय याचना की जाती रही जिससे अब 748086.00 रुपए की वसूली होना है।             विद्वान न्यायाधीश धर्मेंद्र पांडे ने अपने फैसले में कहा है कि *भारतीय संविधान की प्रस्तावना में सभी व्यक्तियों को न्याय की गारंटी दी गई है* परंतु इस मामले में आवेदिका चंदा देवी अपने चार बच्चों के साथ न्यायालय के चक्कर लगा रही है लेकिन जिला प्रशासन चित्रकूट की लापरवाही बरतने और उपेक्षा पूर्ण रवैया अपनाने के कारण  चंदा को अब तक न्याय से वंचित रहना पड़ रहा है। जिस कारण चित्रकूट जिला प्रशासन के विरुद्ध कठोर कार्यवाही किया जाना न्याय की दृष्टि से आवश्यक हो गया है।                      मोटर दुर्घटना न्यायाधिकरण बांदा के पीठासीन अधिकारी धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने मंगलवार को खुले न्यायालय में पारित आदेश में कहा कि पुलिस अधीक्षक चित्रकूट का वेतन अग्रिम आदेशों तक आहरित न किया जाए।मुख्य कोषाधिकारी चित्रकूट को दिये गये आदेश में कहा गया है कि न्यायाधिकरण  द्वारा पारित अवार्ड धनराशि और ब्याज 747086.00 जब तक पुलिस अधीक्षक चित्रकूट द्वारा  जमा नहीं किया जाता तब तक उनके वेतन की निकासी पर अगले आदेश तक रोक रहेगी। आदेश का अनुपालन कठोरता से किया जाए। इस आदेश की प्रतिलिपि कलेक्टर चित्रकूट, पुलिस अधीक्षक चित्रकूट और मुख्य कोषाधिकारी चित्रकूट को भेजने का आदेश दिया गया है। मामले में अग्रिम सुनवाई ,*17 नवंबर 22 की तिथि नियत की गई है*

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages