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Friday, September 16, 2022

कानूनी पढ़ाई के विद्यार्थियों को मिले प्रोत्साहन भत्ता - जीतू

जिले के जाने माने अधिवक्ता ने कानून मंत्रालय को लिखा पत्र उठाई मांग

बांदा, के एस दुबे - एन.एल.यू. से कानून की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को इंटर्नशिप प्रोत्साहन भत्ता दिलाने के लिए भाजपा नेता ने पी.एम. को लिखा पत्र। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी जीतू ने देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए पत्र में बताया है कि पूरे भारत वर्ष में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से विद्यार्थी कानून और विधि की पढ़ाई कर रहे हैं और समय समय पर इंटर्नशिप भी कर रहे हैं लेकिन इन विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के दौरान रहने और खाने के लिए कोई सुविधा नहीं है जिससे विधि के छात्रों को खुद से इंतजाम करना पड़ता है। पूर्व अधिवक्ता संघ अध्यक्ष श्री जीतू भाई ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि महाराष्ट्र नेशनल लॉ

यूनिवर्सिटी के फाउंडर चांसलर और पूर्व  मुख्य न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय द्वारा वर्ष 2020 में बी ए एल एल बी ऑनर्स एडजुडिकेशन एंड जस्टिसिग कोर्स चालू किया गया है । मानक और गुणवत्ता के उद्देश्य से यह कोर्स भारत में पहली बार महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी नागपुर में प्रारंभ किया गया है। पूर्व सीजेआई शरद अरविंद बोबड़े जी ने इस कोर्स में दस इंटर्नशिप किए जाने की बाध्यता है। वर्तमान में इस यूनिवर्सिटी के चांसलर सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति भूषण आर गवाई है, उनका समय समय पर यूनिवर्सिटी को सहयोग मिल रहा है।इस कोर्स में उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके से  दो लड़कियों का चयन हुआ था। भाजपा नेता श्री जीतू ने बताया कि पूर्व सी जे आई श्री बोबड़े जी भारत में पहली बार चालू इस यूनिक कोर्स में 9 इंटर्नशिप एक एक माह की जिला न्यायाधीश स्तर के मार्ग दर्शन में होना है और अंतिम इंटर्नशिप उच्च न्यायालय के सानिध्य में 6 माह होना है। लेकिन विधि और न्याय व्यवस्था की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के दौरान रहने खाने की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है जिससे प्रत्येक विधि छात्र छात्राओं को खुद से ही 10से 15 हजार रुपए प्रति इंटर्नशिप महीने में खर्च करना पड़ता है।      पूर्व जिला अध्यक्ष श्री त्रिपाठी ने अपने पत्र में लिखा है कि ऐसे छात्र जिन्हे पांच साल के कोर्स के दौरान 10 इंटर्नशिप यानी की 15 माह जनपद न्यायालय और माननीय उच्च न्यायालय के मार्ग दर्शन में प्रेक्टिकल जानकारी सीखने की बाध्य  है। इसलिए महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी नागपुर से भारत में  पहली  बार चालू कोर्स की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को ट्यूशन फीस में काम से कम 50फीसदी का केंद्रीय अनुदान दिया जाए। श्री जीतू ने अपने पत्र की एक प्रति देश के कानून मंत्री किरण रिजुजू, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, यूनिवर्सिटी नागपुर के विशेष आमंत्रित सदस्य नितिन गडकरी, महाराष्ट्र सरकार के मुख्य मंत्री एकनाथ शिंदे और वरिष्ठ भाजपा नेता उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी भेजी गई है और पत्र में उन्होंने बताया है कि उनके द्वारा एक पत्र 26अगस्त 2021को भी देश के प्रधान मंत्री जी को भेजा गया था कानून की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए केंद्रीय और राज्याधीन विधि इंटर्नशिप एवम शोध संस्थान स्थापित किए जा सकते हैं जिससे कानून व्यवस्था में आगामी पीढ़ी द्वारा अभूतपूर्व बदलाव लाया जा सकता है।

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