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Wednesday, September 21, 2022

तालाब की गंदगी व बदबू से जीना हुआ मुहाल

एसडीएम से शिकायत के बावजूद नहीं हुई सफाई

खागा/फतेहपुर, शमशाद खान । नगर के हृदय में पक्का तालाब मोहल्ला का नाम जिस तालाब के नाम पर पड़ा उस मोहल्ले के लोग तालाब में फैली गंदगी और बदबू से परेशान हैं। बुंदेलखंड राष्ट्र समिति, गंगा समग, व्यापार मंडल ने उप जिलाधिकारी से इसकी शिकायत भी की। इसके बाद भी तालाब की सफाई नहीं हो रही है। स्थिति यह है कि दुर्गंध के चलते आसपास के निवासियों का जीना मुहाल हो गया है।

तालाब में फैली गंदगी का दृश्य।

सड़न और गंदगी के कारण तालाब में बदबू आने लगी है। बदबू के कारण तालाब के आसपास रहने वाले लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रवीण पाण्डेय ने बताया कि सरकारी कुनीतियों का शिकार है पक्का तालाब। भू गर्भ जल संरक्षण की बातें केवल कागजी हैं। नगर का सबसे प्राचीन पक्का तालाब अपनी अस्मिता की जोह तलाश रहा है। वार्ड के रहने वाले रवि ने बताया कि तालाब की कभी साफ-सफाई नहीं की जाती है। इसके कारण तालाब में बहुत अधिक गंदगी हो गई है। तालाब के अधिक गंदगी के कारण बदबू आने लगी है। गौरव ने कहा कि तालाब की गंदगी को साफ करने की मांग कई बार नगर पंचायत से की गई है, लेकिन इस ओर नगर पंचायत द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अजय ने बताया कि वार्ड में पानी का प्रमुख स्रोत तालाब ही है। तालाब के पानी का ही उपयोग वार्डवासी नहाने कपड़े धोने व अन्य कार्यों के लिए करते हैं लेकिन पानी अत्यधिक गंदा हो गया है। इसकी सफाई नहीं होने तालाब में गंदगी फैल गई है। इसकी सफाई की जानी चाहिए। यदि सफाई नहीं होती है तो वार्ड में बीमारी फैलने का खतरा है। नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी पर धांधली का गंभीर आरोप लगाते हुए वार्ड सभासद, अधिवक्ता और सामाजिक व व्यापारिक संगठनों ने शासन में शिकायत दी है। आरोप है कि अधिशाषी अधिकारी ने प्राचीन पक्का तालाब के संरक्षण के नाम पर जमकर धांधली की है। नगर निवासी अरविदं कुमार, इसराइल एडवोकेट व वार्ड सभासद सलीम शेख ने शासन को दी शिकायत में बताया कि प्राचीन पक्का तालाब के संरक्षण/संवर्धन के लिए कई बार शासन में पत्र लिखा गया। शासन ने मार्च महीने में 18 लाख रुपये की धनराशि तालाब संरक्षण के मद में अवमुक्त की थी। उक्त धनराशि का सदुपयोग नहीं हुआ। तालाब में जमा कचरा साफ कराने या फिर इसके संरक्षण से पहले ही नगर पंचायत इओ ने नाला निर्माण शुरू करा दिया। नाला निर्माण में ही लाखों रुपये की धनराशि खर्च कर दी गई। तालाब सौंदर्यीकरण में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ाया गया। बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रवीण पाण्डेय, व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष शिवचंद्र शुक्ला व स्वयंसेवकों ने पक्का तालाब किनारे आरती-पूजन के कार्यक्रम करते हुए स्थानीय प्रशासन, विशेषकर इओ के ऊपर मनमानी का आरोप लगाते हुए शासन को शिकायत भेजी है। एसडीएम मनीष कुमार से मुलाकात करके उन्हें उक्त के संबंध में शिकायत दी गई। अधिवक्ताओं व वार्ड सभासद ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का बंदरबांट होता है।


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