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Saturday, September 3, 2022

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सप्ताह में गर्भवती पर फोकस

पहली बार मां बनने पर मिलते हैं पांच हजार 

अप्रैल से अब तक 4174 गर्भवती पंजीकृत 

बांदा, के एस दुबे । जिले में आजकल प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमवीवाई) सप्ताह मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत गर्भवती व धात्री महिलाओं को लाभान्वित करने और जागरूक करने के लिए विविध गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को लाभान्वित करने का प्रयास किया जा रहा है। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एके श्रीवास्तव का।

सीएमओ ने सभी सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों, जिला चिकित्सालय एवं नगरीय प्रभारियों को निर्देश दिया है कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना सप्ताह के दौरान योजना से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दें। बीपीएम, बीसीपीएम, कंप्यूटर ऑपरेटर, एएनएम, आशा कार्यकर्ता और आशा संगिनी इस कार्य में शिथिलता न बरतें। उन्होंने कहा कि वार्षिक पंजीकरण लक्ष्य के साथ-साथ लंबित प्रकरणों का निस्तारण किया जा रहा है। आशा कार्यकर्ता द्वारा अपने-अपने कार्य क्षेत्र में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के विषय में पात्र लोगों को घर-घर जाकर लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। गृह भ्रमण के दौरान आशा कार्यकर्ता द्वारा लाभार्थियों को लाभ लेने के लिए पूरी प्रक्रिया और पात्रता की जानकारी दी जा रही है। जिला कार्यक्रम समन्वयक डा. रावेंद्र कुमार ने बताया कि वर्ष 2017 से जब से यह योजना शुरू हुई। अप्रैल से अब तक 4174 महिलाओं को पंजीकृत किया जा चुका है।


टोल फ्री नंबर 104 पर करें काल

बांदा। जिला कार्यक्रम समन्वयक ने बताया कि इस योजना के सम्बंध में अगर कोई जानकारी करना चाहता है तो वह टोल फ्री नम्बर 104 पर काल कर अपनी शंका का समाधान कर सकता है। पहली बार गर्भवती होने वाली महिला को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल और सही पोषण के लिए तीन किश्तों में 5,000 दिये जाते हैं। इसके लिए पंजीकरण कराना पड़ता है।

तीन किश्त में दिए जाते हैं 5 हजार

बांदा। रजिस्ट्रेशन होते ही लाभार्थी को 1,000 रुपए की पहली किश्त सीधे बैंक खाते में जाती है। दूसरी किश्त 2,000 रुपए की प्रसव पूर्व पहली जांच होने पर और 2000 रुपए की तीसरी किश्त बच्चे के जन्म के बाद टीकाकरण का पहला चक्र पूरा होने के बाद दी जाती है। यह सभी भुगतान लाभार्थी के बैंक के खाते में सीधे किये जाते हैं। सरकारी सेवा वाली महिलाओं को योजना में नहीं शामिल किया जाता है।


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