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Thursday, September 22, 2022

गुणवत्तायुक्त कार्यक्रमों के साथ जन जन तक पहुंच रहा मुक्त विश्वविद्यालय - कुलपति

रिपोर्ट देवेश प्रताप सिंह राठौर

झाँसी.  उत्तर प्रदेश भारत सरकार ने मुक्त विश्वविद्यालय के शैक्षिक कार्यक्रमों के महत्व को परिभाषित करते हुए इसे पारंपरिक विश्वविद्यालयों के समकक्ष माना है। यह देश के सभी मुक्त विश्वविद्यालयों के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। यूजीसी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब मुक्त विश्वविद्यालय की डिग्री देखकर कोई छंटनी करने की हिम्मत नहीं कर पाएगा। उक्त जानकारी उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज की कुलपति प्रोफेसर सीमा सिंह दी। प्रोफेसर सीमा सिंह झांसी क्षेत्रीय केंद्र से संबंधित अध्ययन केंद्रों के समन्वयकों की कार्यशाला को संबोधित किया. झांसी क्षेत्रीय केंद्र के अंतर्गत जालौन महोबा ललितपुर बांदा तथा झांसी जिले में 42 अध्ययन केंद्र संचालित हैं। बुंदेलखंड के सभी क्षेत्रों में लोगों को मुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। यूजीसी ने भी मुक्त विश्वविद्यालय की महत्ता को स्पष्ट करते हुए इसे पारंपरिक विश्वविद्यालयों की डिग्री के समकक्ष भी करार दिया है।


उन्होंने बताया की विवि में प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी है। प्रोफेसर सीमा सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा चलाये जा रहे रोजगार परक डिग्री और डिप्लोमा कार्यक्रमों की लोकप्रियता सबसे अधिक है। विश्वविद्यालय ऐसे सभी कार्यक्रमों का सतत मूल्यांकन करवा रहा है। जिससे समय के साथ इसे सभी उम्र एवं वर्ग के लोगों के लिए उपयोगी बनाया जा सके। 

प्रोफेसर सीमा सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में ऑनलाइन प्रवेश के साथ ही छात्र-छात्राओं के घर पर पाठ्य सामग्री भेज दी जाती है। विश्वविद्यालय के विभिन्न कार्यक्रमों के असाइनमेंट ऑनलाइन कर दिए गए हैं । छात्र घर पर ही बैठ कर असाइनमेंट पूरा करता है और उसे अपने अध्ययन केंद्र पर जमा करता है। इसके उपरांत उसे परीक्षा में बैठने का अवसर प्रदान किया जाता है। विश्वविद्यालय की लचीली व्यवस्था के अंतर्गत परामर्श कक्षाओं में छात्र काउंसलर से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त कर सकता है। सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में विश्वविद्यालय ने छात्रों की ऑनलाइन काउंसलिंग की भी व्यवस्था की है। इसके साथ ही विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रमों के वीडियो लेक्चर विश्वविद्यालय के यूट्यूब पेज पर ऑनलाइन हैं। जिन्हें देखकर प्रतियोगी छात्र भी भरपूर लाभ उठा रहे हैं। 

कुलपति प्रोफेसर सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं राज्यपाल  के निर्देश पर विश्वविद्यालय ने गत मंगलवार को शिविर लगाकर उपाधि वितरण प्रारंभ किया। जिससे पूरे उत्तर प्रदेश के छात्रों में उत्साह है।प्रोफेसर सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय ओपन एजुकेशनल रिपोजिटरी ओ. आई. आर.) की स्थापना की दिशा में प्रयास कर रहा है। जिसके अंतर्गत विद्या शाखाएं पाठ्यक्रमों की शैक्षणिक सामग्री को ऑनलाइन स्वरूप में शिक्षार्थियों को उपलब्ध कराएंगी। इसके अंतर्गत शिक्षकों को ओ. आई. आर. तैयार करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। 


प्रोफेसर सिंह ने बताया कि शिक्षकों को नवाचार एवं शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए पॉलिसी फॉर प्रमोशन ऑफ रिसर्च के अंतर्गत वित्तीय सहायता दी जा रही है। नवाचार के अंतर्गत शिक्षार्थियों को लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम एल एम एस के माध्यम से पाठ्यक्रम परामर्श अध्ययन सामग्री इत्यादि को देने की व्यवस्था की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। विश्वविद्यालय  स्माइल योजना के अंतर्गत (स्कीम टू मार्जिनलाइज्ड इनडिवाइड्यूल फॉर लर्निंग एंड अर्निंग) कोविडकाल में अपने माता पिता को खो चुके बच्चों, किन्नरों, जेल बंदियों, देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले भारतीय सेना एवं अर्धसैनिक बलों के शहीद जवानों के आश्रितों को प्रवेश शुल्क में छूट दिए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांव की महिलाओं को प्रवेश शुल्क में 50% की छूट प्रदान की जाएगी। 

प्रोफेसर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज नवाचार और स्टार्टअप के पोषण के लिए एक मजबूत एजुकेशनल इको सिस्टम का निर्माण कर रहा है जो सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा। इससे रोजगार के नए अवसर निकलेंगे और  युवाओं में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। निर्यात को बढ़ावा मिलेगा तथा फोकल एवं लोकल की विचारधारा समृद्ध होगी। विश्वविद्यालय कानपुर क्षेत्रीय केंद्र के माध्यम से छात्रों एवं स्थानीय लोगों के समृद्ध विचारों को पोषित करेगा। साथ ही उनकी समस्याओं के समाधान का प्रयास करेगा।  प्रेस वार्ता में प्रोफेसर पी. के. पांडेय, श्री डी. पी. सिंह, डॉ. ज्ञान प्रकाश यादव, डॉ. दिनेश सिंह एवं क्षेत्रीय समन्वयक डॉ. रेखा त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।

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