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Thursday, September 15, 2022

बच्चों व महिलाओं के सेहत के लिए हुई ‘पोषण’ की ‘पंचायत’

गर्भकाल में महिलाएं करें पोषणयुक्त भोजन 

पोषण पंचायत में महिलाओं को किया गया जागरूक

बांदा, के एस दुबे । जनपद में आज कल पोषण माह मनाया जा रहा है। इसी क्रम में बच्चों, किशोरियों व महिलाओं की सेहत में सुधार लाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण पंचायत हुई। पंचायत में कुपोषित महिलाओं, बच्चों के लिए पुष्टाहार विभाग की ओर से चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं और पोषण अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

बड़ोखर ब्लाक के पचनेही गांव में जिला कार्यक्रम अधिकारी राम प्रकाश ने कहा कि महिलाओं को अपने गर्भकाल में ही अपने बच्चे पर ध्यान देना चाहिए। यदि गर्भकाल के समय महिलाएं पौष्टिक भोजन करें, तो इससे बच्चे को पर्याप्त भोजन मिलेगा और पैदा होने पर बच्चे कुपोषित नहीं होंगे। इसलिए गर्भकाल के दौरान महिलाओं को अधिक से अधिक पोषणयुक्त भोजन करना चाहिए। उन्होंने महिलाओं को स्थानीय खाद्य पदार्थों एवं पौष्टिक भोजन के प्रति जागरूक किया। सीडीपीओ प्रतिभा त्रिपाठी ने कहा कि बच्चों, महिलाओं को कुपोषण से बचाने के लिए छोटी-छोटी महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। हरी सब्जी, आयोडीन नमक, दूध, दही इत्यादि का सेवन करें। कुपोषण से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने की बहुत ज्यादा आवश्यकता है। इसके लिए महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। ग्राम प्रधान आशा ने भी सभी महिलाओं को कुपोषण से बचाव व सुपोषण संबंधित जानकारी दी। इस मौके पर यूनिसेफ के देवेंद्र कुमार व अतुल कुमार, एएनएम श्यामाबाई, शिक्षक दिनकर अवस्थी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनीता, किरन सिंह, रन्नो, सुमन, निराशा, आशा कार्यकर्ता सुशीला, संपत, सरोज व उर्मिला सहित महिलाएं उपस्थित रहीं। 

आंगनबाड़ी केंद्र में पोषण पंचायत में मौजूद महिलाएं व अन्य

बच्चों का कराना है नामांकन

बांदा। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि शिक्षकों के सहयोग से आंगनबाड़ी केंद्र में नामांकित वैसे बच्चे जिन्होंने 6 साल पूरे कर लिए और जिनका नामांकन प्राथमिक विद्यालय में होना है एवं पोषक क्षेत्र के अन्य 6 साल पूर्ण कर लिए बच्चे के अभिभावकों के साथ बैठकर पोषण के महत्व, बच्चों के सर्वांगीण विकास में पोषण की भूमिका, बच्चों के विद्यालय में नामांकन कराने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं। आंगनबाड़ी केंद्र में सहजन, पपीता, अमरूद, नींबू के पौधरोपण पर जोर दिया गया।


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