नदी में डूबे युवक का मिला शव - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Saturday, September 3, 2022

नदी में डूबे युवक का मिला शव

सदर विधायक ने पुलिस पर तानाशाही के लगाए आरोप

परिजन बोले-शौचक्रिया के दौरान हुआ हादसा

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। मंदाकिनी नदी में डूबे युवक को पुलिस टीम ने गोताखोरों की मदद से शनिवार की सुबह खोज निकाला। चितरा निवासी अनिल सिंह का शव नदी से बाहर आते ही परिजनों में कोहराम मच गया। 

शुक्रवार को शहर के मछली मंडी में जुआ अड्डे पर पुलिस की छापेमारी के दौरान भागे युवकों में इस मृतक का नाम शामिल था, लेकिन शनिवार को मृतक के परिजनों ने जुआ खेलने की बात से इंकार कर बताया कि पैर फिसलने से नदी में गिरने से मौत हुई है। मामले को लेकर सपा के सदर विधायक अनिल प्रधान ने पुलिस पर तानाशाही करने के आरोप लगाकर धरना दिया। एएसपी, सीओ व तीन थाने की पुलिस टीम की मौजूदगी के बीच शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया है। शनिवार को सदर कोतवाली क्षेत्र के चंद्रगहना गांव किनारे से बहने वाली मंदाकिनी नदी के बीच में चितरा निवासी अनिल उर्फ सुभाष सिंह (24) पुत्र चंद्रभान सिंह का शव पुलिस ने बरामद किया। नदी किनारे अपर एसपी चक्रपाणि त्रिपाठी, सीओ हर्ष पांडेय व कोतवाल अशोक सिंह की मौजूदगी में मृतक के पिता ने बताया कि पुत्र अनिल शुक्रवार को गांव से कर्वी जाने के लिए निकला था। रास्ते में चंद्रगहना गांव में रिश्तेदार के घर कुछ काम से रूका था। इसी बीच वह नदी किनारे शौच क्रिया के लिए पहुंचा था तो नदी के पार पुलिस व कुछ युवकों की भागदौड देख घबडा गया और उसका पैर फिसल गया। जिससे वह नदी में गिरा और दूसरे दिन शनिवार को पुलिस ने नदी से शव बरामद किया है। पुलिस ने शव का पंचनामा कराकर पोस्टमार्टम कराया है। इस दौरान कोतवाली के अलावा, राजापुर, पहाड़ी, शिवरामपुर, सीतापुर चौकी की टीमें भी मौजूद रहीं।

गौरतलब है कि शुक्रवार को बताया गया था कि सादी वर्दी में कोतवाली पुलिस टीम ने मछली मंडी में जुआ खेलने की सूचना पर छापेमारी की थी। पुलिस से बचने के लिए युवक इधर उधर भागे थे। तीन युवक नदी में कूदे थे इसमें दो सुरक्षित निकल गए थे और तीसरा चितरा के अनिल का कुछ पता नहीं लगा। इसकी तलाश के लिए पुलिस ने जाल व कांटे नदी में डलवाए थे। दो गोताखोर बुलाए थे, लेकिन शुक्रवार की रात तक कुछ नहीं मिला था। शनिवार को इस मामले में नया मोड़ आने के बाद अब पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतक के मिले शव का जुआ अड्डा में छापेमारी से कोई ताल्लुक नहीं है। उधर सदर विधायक अनिल प्रधान ने पूरे मामले में पुलिस पर तानाशाही करने और युवक की खोजबीन में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं।

मृतक के परिजन।

छापेमारी से घटना का नहीं कोई संबंध : एएसपी

चित्रकूट। अपर पुलिस अधीक्षक चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि चितरा निवासी अनिल चंद्रगहना में नदी किनारे पैर फिसलने से गिरा था और पानी में डूबने से मौत हुई है। उसके परिजनों ने यहीं जानकारी कोतवाली में लिखित रूप से दी है। पुलिस की छापेमारी से इसका वास्ता नहीं है। शहर कोतवाल अशोक सिंह ने बताया कि अनिल के नदी में गिरने की सूचना पर पुलिस शुक्रवार को चंद्रगहना की ओर प्रयास किया था लेकिन शनिवार को उसका शव मिला है। मछली मंडी में जुआ अड्डे में पुलिस की छापेमारी के दौरान युवकों के भागने और नदी में कूदने के सवाल पर कहा कि इस मामले में पुलिस की छापेमारी का कोई संबंध नहीं है। घटना स्थल से पुलिस एक किमी से अधिक दूरी पर थे।

जब जुआ का मामला नहीं तो इतने अधिकारी व फोर्स क्यों

चित्रकूट। अक्सर जिले में नदी, बांध या तालाब में तीर्थयात्री, स्थानीय निवासियों के डूबने की घटनाएं होती हैं, लेकिन किसी भी जगह इतनी फोर्स नहीं होती जितनी शुक्रवार की रात को मंदाकिनी नदी के आर पार मछली मंडी व चंद्रगहना में मौजूद थी। शनिवार को मृतक अनिल उर्फ सुभाष का शव मिलने के बाद परिजनों ने जो बताया उससे लगा कि आखिर क्या वजह है जिसे पुलिस विभाग या मृतक के परिजन छिपा रहे हैं।

पुलिस वाहन के सामने धरने पर बैठे विधायक 

चित्रकूट। नदी के उस पार चंद्रगहना की ओर डूबे युवक का शव बरामद कर पुलिस टीम शनिवार की सुबह मछली मंडी कर्वी की ओर से पोस्टमार्टम की ओर जा रही थी। इसी बीच रास्ते में सपा के सदर विधायक अनिल प्रधान ने शव लेकर जा रहे वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वाहन नहीं रूका। आगे जाकर एक गली में जगह कम होने से वाहन फंस गया। इसी बीच सदर विधायक इस वाहन के आगे पहुंचे और जानकारी करने लगे। वाहन फिर आगे बढने लगा तो विधायक वहीं गली में समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। जानकारी होते ही आला पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे और विधायक को समझाकर धरना खत्म कराया।

परिवार में टूटा दुखों का पहाड़

चित्रकूट। चितरा गांव निवासी अनिल की मौत के बाद शनिवार की शाम को जैसे ही उसका शव गांव पहुंचा तो मां उर्मिला देवी, बहन व अन्य परिजन दहाड़े मारकर रोने लगे। पूरे गांव में शोक व्याप्त रहा। मृतक के पिता किसान हैं और खेती ही इस परिवार का मुख्य व्यवसाय है। मृतक अनिल दो भाईयों में बडा था। छोटे भाई सुधीर सिंह की तीन साल पहले सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है। तीन बहनों की शादी हो चुकी है।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages