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Sunday, September 18, 2022

विभाग की उपेक्षा से ऊबड़ खाबड़ रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं दर्जनों गांव के लोग

ठेकेदार की हीला हवाली से आक्रोशित ग्रामीणों ने अनशन की  दी चेतावनी

मानिकपुर चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरी ।मालिन टंकी से सेमरदहा की ओर जाने वाला मार्ग उबड़ खाबड़ रास्तों में तब्दील है।लगभग एक दर्जन से अधिक गांव मजरे के लोग सड़क के न बनने से खासे परेशान हैं। बारिश की वजह से आए दिन दुर्घटना हो रही है।सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और स्वास्थ्य सेवाओं सहित सरकारी संस्थानों की है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी पीडब्ल्यूडी विभाग ने सड़क का काम शुरू नहीं कराया है।क्षेत्रवासियों ने इसकी शिकायत स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से की है।  मानिकपुर कर्वी मार्ग के मालिन टंकी से सेमरदहा गांव होते हुए बहिलपुरवा थाने की ओर जाने वाला मार्ग पीडब्ल्यूडी विभाग की उपेक्षा का शिकार है।सेमरदहा गांव निवासी डॉक्टर नवल त्रिपाठी,अनिल मिश्र,कलेश यादव,राजा बाबू मिश्रा,पप्पू पंडित सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि मालिन टंकी से सेमरदहा मार्ग बेहद खराब है। पीडब्ल्यूडी विभाग से स्वीकृत यह मार्ग इन दिनों उबड़ खाबड़


रास्ते में तब्दील है।सड़क निर्माण का ठेका विभाग ने गौरी शंकर मिश्र को दे रखा है।लगभग 3 माह पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम उद्घाटन के समय आनन-फानन में ठेकेदार ने जेसीबी लगाकर सड़क को खुदवा दिया था।नहर के किनारे सड़क निर्माण के लिए गिट्टी बालू भी डलवा दी गई थी।उसके बाद से कोई भी काम नहीं कराया गया है।सड़क ज्यों का त्यों उखड़ी पड़ी है। इधर कई दिनों से लगातार हो रही बारिश की वजह से सड़क में भारी गड्ढे निकल आए हैं।गड्ढों में जलभराव से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। दुपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं।सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को है। पैदल निकलते समय स्कूली बच्चों के ड्रेस भी खराब हो रहे हैं।इससे भी ज्यादा परेशानी एंबुलेंस वालों को है। डिलेवरी के लिए फोन करने पर एंबुलेंस चालक असमर्थता व्यक्त करते हैं, इसके बाद भी उन्हें जाना पड़ता है।इसी मार्ग में बहिलपुरवा थाना के अलावा सिंचाई विभाग का ओहन बांध जल संस्थान और कई अन्य सरकारी संस्थान भी हैं। इस मार्ग में सेमरदहा ग्राम पंचायत के अलावा टेकारी, बौना पुरवा, खांचा पुरवा, नकवाही, कुकरहाई, गरौठा, पिपरौही, सेहरिन, बेलहरी, रुखमा, बहिलपुरवा, गौतमपुर आदि गांव मजरे हैं। प्रतिदिन इसी गड्ढा युक्त सड़कों से लोगों का आना जाना होता है। पीडब्ल्यूडी विभाग की लापरवाही को लेकर ग्रामीणों ने इसकी शिकायत उप जिलाधिकारी मानिकपुर प्रमेश श्रीवास्तव और जनप्रतिनिधियों से की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसके बाद भी सड़क का काम शुरू नहीं कराया गया तो वह अनशन के लिए बाध्य होंगे। इस मामले में जब पीडब्ल्यूडी विभाग के जेई और एई कृष्ण स्वरूप से बातचीत करने का प्रयास किया गया तो तीन बार रिंग जाने के बाद भी उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

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