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Thursday, September 8, 2022

पितृ पक्ष 10 सितंबर से

पितृ पक्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष के पुर्णिमा से शुरू होता है. भाद्रपद माह की पुर्णिमा तिथि 10 सितंबर को है, ऐसे में पितृ पक्ष की शुरुआत 10 सिंतबर से ही हो रही है.  इसका समापन आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 25 सितंबर को होगा. दिन के 11:36 से 12:24 तक कुतुप काल और दिन के 12:24 से 1:12 तक रोहिण काल होता है। पितृ कर्म हेतु इसे प्रशस्त माना गया है। यह माना जाता है कि इन 16 दिनों की अवधि के दौरान सभी पूर्वज अपने परिजनों को आशीर्वाद देने के लिए पृथ्वी पर आते हैं। उन्हें प्रसन्न करने के लिए तर्पण, श्राद्ध और पिंड दान किया जाता है पितृपक्ष में किये गए दान-धर्म के कार्यों से पूर्वजों की आत्मा को तो शांति मिलती है, साथ ही पितृ ऋण से मुक्ति मिलती है। ऐसा माना जाता है कि पितृ पक्ष के पखवाड़े में पितृ किसी भी रूप में आपके घर में आते हैं।  किसी भी पशु या इंसान का  अनादर नहीं किया जाना चाहिए। बल्कि, आपके दरवाजे पर आने वाले किसी भी प्राणी को भोजन दिया जाना चाहिए और आदर  सत्कार करना चाहिए।  जिस तिथि को  पितरों की मृत्यु हुई हो. उस तिथि को उनके नाम से श्रद्धा और यथाशक्ति के अनुसार ब्राह्मणों को भोजन करवाएं. भोजन गाय, कौओं और कुत्तों को भी खिलाएं. जिन पितरों की पुण्यतिथि परिजनों को ज्ञात नहीं हो तो उनका श्राद्ध, दान, एवं तर्पण पितृविसर्जनी अमावस्या के  दिन करते है। पितृविसर्जनी अमावस्या तिथि को समस्तों पितरों का विसर्जन होता है। पितृ पक्ष के दौरान नए कपड़े, भुमि, भवन सहित सभी प्रकार के मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं.


पितृ पक्ष में श्राद्ध की तिथियां

• 10 सितंबर    2022-      पूर्णिमा का श्राद्ध/ प्रतिपदा का श्राद्ध  
• 11 सितंबर     2022-      द्वितीया का श्राद्ध
• 12 सितंबर    2022-      तृतीया का श्राद्ध
• 13 सितंबर    2022-      चतुर्थी का श्राद्ध
• 14 सितंबर    2022-      पंचमी का श्राद्ध
• 15 सितंबर    2022-      षष्ठी का श्राद्ध
• 16 सितंबर    2022-      सप्तमी का श्राद्ध
• 18 सितंबर    2022-     अष्टमी का श्राद्ध
• 19 सितंबर    2022-      नवमी श्राद्ध
• 20 सितंबर    2022-     दशमी का श्राद्ध
• 21 सितंबर    2022-      एकादशी का श्राद्ध
• 22 सितंबर    2022-     द्वादशी/सन्यासियों का श्राद्ध
• 23 सितंबर    2022-    त्रयोदशी का श्राद्ध
• 24 सितंबर    2022-    चतुर्दशी का श्राद्ध
• 25 सितंबर    2022-     अमावस्या का श्राद्ध, सर्वपितृ अमावस्या, सर्वपितृ अमावस्या का श्राद्ध, -

 --ज्योतिषाचार्य-एस.एस.नागपाल, स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र, अलीगंज, लखनऊ।

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