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Tuesday, August 30, 2022

यमुना की बाढ़ छोड़ गई बरबादी का मंजर

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। यमुना नदी का जल स्तर आठ सेमी. की रफतार से घट रहा है। जिससे ग्रामीणों को राहत की सास मिली है। तलहटी में बसे 20 गांवों के आसपास अभी पानी भरा हुआ है। पानी व कीचड़ भरा होने से गांवों में बदबू आ रही है। संक्रामक बीमारी बढने से गांव में बीमारी भी फैल रही है। किसानों की फसले नष्ट हो चुकी है। इससे किसान परेशान है। गांवों में अभी अंधेरा छाया हुआ है। समस्याओं के निराकरण कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारी भी जुट गए हैं। डाक्टरों की टीम भी पहुंच कर मरीजों को देख रही है। गांवों में विषले जीव जन्तु निकल रहे है। इससे ग्रामीण डरे हुए है। गला घोटू बीमारी पशुओं को हो रही है।

मऊ क्षेत्र में मवई कला, बरदहा, कोटराखंभा, घुरेहटा, बरवार, मंडौर, बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित है। इसी तरह से राजापुर क्षेत्र के अतरौली, नैन्ी, धौरहा, बरद्वारा, चांदी, बक्टा, हस्ता, बेलास, चिल्लीमल, सरधुआ गांव है। नदी का पानी उतर जरूर गया है पर गांवों के खेतों व अन्य मैदानों में आज भी भरा हुआ है। जहा से बदबू आने से ग्रामीण परेशान है। संक्रामम बीमारी फैलने से बुखार, पेट दर्द, उल्टी दस्त से मरीज परेशान हैं। जल स्तर कम होने के बाद बिजली विभाग विद्युत की आपूर्ति के लिए युद्धपर जुट गया है। जहां बिजली की तारे टूटी है उनको बनाया जा रहा है। उपकरण सुधारे जा रहो है। दावा किया जा रहा है एक दो दिन के अंदर सब कुछ ठीक कर बिजली की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।

बाढ़ के बाद तबाही का दृश्य।

जारी किया टोल फ्री नम्बर

चित्रकूट। जिला प्रशासन भी बाढ़ प्रभावितों को राहत दिलाने के लिए पूरी तरह से जुट गया है। जिन किसानों की फसल का नकुसान हुआ है। जिन्होंने फसल बीमा कराया है। उनको सूचना देने के लिए टोल फ्री नम्बर 1800889686 पर जानकारी देने के लिए कहा गया है। यदि इस नम्बर पर शिकायत दर्ज न हो तो तहसीलों व ब्लाकों बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों को पत्र देने यह जानकारी जिला समन्वयक सौरभ श्रीवास्तव ने दी।  


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