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Saturday, August 13, 2022

यमुना में नाव पलटने से हुए हादसे में अभी दर्जन से ऊपर लापता

बीते तीन दिनों से जिले का प्रशासनिक अमला कर रहा मशक्कत

पीड़ित परिजनों में आक्रोश,हादसे के जिम्मेदार लोगों क्यो नही हो रही कार्रवाई

 बाँदा, के0एस0दुबे, - रक्षाबंधन के त्योहार में अपने घर-गांव राखी बांधने आई बहनों(महिलाओं बच्चों व उनके परिजनों)के लिए उफनाती यमुना नदी बिल्कुल काल का गाल बन गई।नाव पलटने से नाव में सवार करीब 40 से अधिक लोग उफनाती नदी में डूब गए और बह गए। उनमें से करीब दर्जन भर लोगो को स्थानीय तैराकों की मदद से बचा लिया गया ,कुछ खुद तैरकर बाहर आ गए।
घटना की जानकारी मिलते ही जिले का प्रशासनिक व पुलिस अमला मौके पर पहुंचा और अपने स्तर से यमुना में समा गए लोगो की तलाश शुरू की किंतु कुछ हासिल नही हुआ,लिहाजा आज तीसरे दिन डीआईजी चित्रकूटधाम विपिन कुमार मिश्र,डीएम अनुराग पटेल,एस पी अभिनंदन,एडीएम उमाकांत त्रिपाठी,एएसपी लच्छमी निवास मिश्र सहित जिले के तमाम अफसर व अमला अलग अलग वोटो में सवार होकर नदी में डूबे लोगो की तलाश करते रहे।वहीं बीते कल यूपी के मुख्यमंत्री योगीजी के निर्देश पर प्रदेश सरकार के दो मंत्री और केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति भी मौके पर पहुचकर बचाव कार्यो का जायजा लेती रही।और दिशा निर्देश देती रही।इस भयावह हादसे की सबसे खास बात यह रही कि जितने भी नेता मदद के नाम पर मौके पर पहुंचे उनमें से किसी नेता ने

नाव पलटने से हुए भीषण हादसे और तबाह हुई जिंदगियों के बारे में जिला प्रसाशन व स्थानीय ग्रामीणों से कोई राय मशविरा करना मुनासिब नही समझा, और न ही घटना के कसूरवार लोगो पर किसी कानूनी कार्रवाई की जरूरत समझी।नेताओ का पूरा जोर खुद की अहमियत और प्रशासनिक आवभगत से ओतप्रोत होने में लगा रहा। हादसे से संबंधित पूरे मामले पर गौर करें तो हादसे से पहले उफनाती नदी में नाव में सवारी बैठने की कुल कितनी छमता है।उसमे कितनी सवारियां बैठी थीं,नाव वाले ने 20-25 की छमता वाली नाव में उससे ठीक दोगुना अर्थात 40 से अधिक सवारियां क्यो बैठाई, उसने ऐसा अधिक पैसा मिलने की वजह से किया,और जब नाव में अधिक सवारी बैठा ली तो उसे किसी ने रोका य नही।उससे भी खास बात यह है कि जिले की सीमा से निकली नदियों में नाव के परिचालन पर किसी प्रकार के लाइसेंस य सरकारी फीस जमा करने की व्यवस्था होती है य नही,य फिर इसका कोई जिम्मेदार विभाग भी होता है य नही,इन सारे सवालों के जवाब शायद किसी के पास नही है। सारा मामला अंधेर नगरी चौपट राजा की तरह है। इस संबंध में जब एक पुलिस अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पूरा मामला सबके संज्ञान में है।जब ऊपर से कोई निर्देश मिलेगा तब आगे की कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल नाव हादसे के शिकार लोगो मे से अब तक कुल 9 शव बरामद हो चुके हैं, एक दर्जन से अधिक की जाने बच गई है और एक दर्जन से ऊपर के शवों की तलाश जारी है।

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