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Wednesday, August 3, 2022

समाजसेवी ने पूर्व जिलाधिकारी की डायनामिक डीएम पुस्तक का किया वितरण

किताबें जीवन जीना और संघर्ष सिखाती हैं 

बांदा, के एस दुबे । जीवन सत्यता को संजोकर लिखे गए, अल्फाज हैं, किताबें, किताबे जीवन जीना व संघर्ष करना सिखाती है, डीएम से लेकर डायनामिक डीएम बनने तक का सफर जिस प्रकार डॉक्टर हीरालाल ने तय किया, यह किताब उनके अनुभवों को साझा करती है,

वहीं समाजसेवी अरुण कुमार पटेल विधानसभा अध्यक्ष अपना दल एस ने इस किताब का अध्ययन कर अपने क्षेत्रीय लोगो, अध्यापकों को भी इस किताब को पढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे है, वही अपने पूर्व माध्यमिक विद्यालय सया के

पुस्तक का वितरण करते समाजसेवी अरुण कुमार पटेल

समस्त स्टाफ को पुस्तक बाटकर पढ़ने के लिए प्रेरित किया। बताया कि यह किताब छात्र छात्राओं,  युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है, इस किताब में ड. हीरालाल ने अपने जनपद बांदा में जिलाधिकारी के अनुभवों को किताब के माध्यम से साझा किया है। किताब में जिला प्रशासन के विभिन्न पहलुओं को जिसमें राजस्व वसूली, शांति व्यवस्था, विकास के कार्यक्रम, अवस्थापना सुविधाएं, कल्याणकारी योजनाएं, आपदा प्रबंधन, प्रोटोकॉल आदि भिन्न-भिन्न विषय सम्मिलित है, उन्होंने अपनी क्षमता एवम् अनुभवों के आधार पर अधिकारियों को नेतृत्व प्रदान किया, डॉक्टर साहब के द्वारा बांदा जिले में चलाया भी  गया। पानी की समस्या और समाधान, महिला विकास, नेकी की दीवार व मॉडल गांव अभियान बुंदेलखंड के लिए बहुत ही कारगर साबित हुए हैं, यह किताब डॉक्टर साहब के प्रारंभिक जीवन को भी दर्शाती है, फर्श से अर्श तक का सफ़र करना कोई डॉक्टर साहब से सीखे, यह किताब डॉक्टर साहब के अनुभवों से न केवल युवा सिविल सेवा के लिए व अधिकारी भी प्रेरित होंगे, बल्कि सामान्य जनमानस व हितग्राहियों को भी डॉ. हीरालाल, आईएएस की तमाम चुनौतियों का आभास होगा, देश के युवाओं को यह किताब पढ़नी चाइए, जो युवा सिविल सर्विस के माध्यम से देश सेवा करना चाहते है, वह इस किताब जरूर पढ़ें। 


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