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Sunday, August 7, 2022

आजादी के 75 वर्ष, अमृत महोत्सव.........

देवेश प्रताप सिंह राठौर.........

       हर घर में तिरंगा फैराएगा भारत की शान बढ़ाएं गा, वंदे मातरम जय जय कारा हर बच्चा बूडा जवान सभी हिंदुस्तान की जय जयकारा लगाएगा, हमें गर्व है हम हिंदुस्तानी हैं आजादी के 75 वर्ष अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है आइए हम सब लोग इस अमृत महोत्सव का आनंद उठाएं और भारत को बहुत ही मजबूत और शक्तिशाली बनाएं आजादी का अमृत महोत्सव भारत की सामाजिक-सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक पहचान के बारे में प्रगतिशील है। “आज़ादी का अमृत महोत्सव” की आधिकारिक यात्रा 12 मार्च, 2021 को शुरू होती है, जो हमारी स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के लिए 75 सप्ताह की उलटी गिनती शुरू करती है और 15 अगस्त, 2023 को एक वर्ष


के बाद समाप्त होगी।       आजादी के इस अमृत महोत्सव को मनाए जाने के कुछ कारण है। पहला यह कि भारत को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी मिली थी। दूसरा यह कि देश को स्वतंत्र करने के लिए जिन राष्ट्र सुपूतों ने बलिदान दिया और बहुत कष्ट सहे उन्हें याद करने का यह दिन है। तीसरा यह कि आजादी के 75 वर्ष पूरे हो गए हैं। इन कारणों से आजादी के अमृत महोत्सव के माध्यम उन सभी लोगों को स्वतंत्रता और लोकतंत्र के के सही मायने बताने बहुत जरूरी है और साथ ही यह बताना भी जरूरी है कि इन 75 वर्षों में भारत ने क्या उपलब्धियां हासिल की हैं।वर्तमान समय में जो युवा पीढ़ी है जिनकी उम्र 18 से 35 वर्ष के बीच में है वह आजादी के संघर्ष और लोकतंत्र के महत्व को बेहतर ढंग से नहीं जानती हैं। कई विचारधारों में बंटी यह पीढ़ी गुमराही के एक चौराहे पर खड़ी है। ऐसे में उसे अपने देश के इतिहास और वर्तमान से जोड़ना जरूरी है। कहते हैं कि जो देश अपना इतिहास भुल जाता है उसका भूगोल भी बदल जाता है और यह हुआ भी है। कई कुर्बानियां व्यर्थ चली गई तब जबकि देश का विभाजन हुआ।      प्रधान मंत्री, श्री नरेंद्र मोदी ने 12 मार्च, 2021 को साबरमती आश्रम,अहमदाबाद से ‘दांडी मार्च’ को हरी झंडी दिखाकर ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ का उद्घाटन किया। यह समारोह स्वतंत्रता की हमारी 75वीं वर्षगांठ से 75 सप्ताह पहले शुरू हुआ और 15 अगस्त, 2023 को समाप्त होगा।      हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में संपन्न संसदीय दल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय हुए थे जिसमें राजनैतिक विचारधारा से ऊपर उठकर सभी दलों के सांसदों के लिए एक बाइक रैली का अयोजन किया गया था। नई दिल्ली में आयोजित बाइक रैली में भाजपा गठबंधन के सभी सांसद शामिल हुए लेकिन विपक्ष ने राजनैतिक विचारधारा से ऊपर उठकर जनमानस के बीच अपनी छवि को सुधारने के इस सुनहरे अवसर को भी ठुकरा दिया और बाइक तिरंगा यात्रा पर तंज कसा।बढ़ते दबाव को देखते हुए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने अपने डीपी पर नेहरू जी का तिरंगा लिए चित्र लगाया। वहीं उप्र में समाजवादी मुखिया अखिलेश यादव ने तिरंगा अभियान में बढ़ते राजनैतिक दबाव से बचने के लिए आम जनमानस से इस अभियान में शामिल होने की बात कही है। विरोधी दलों के कुछ नेता यह भी कह रहे हैं कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से तिरंगा फहराने व डीपी पर तिरंगा लगाने की अपील करेंगे। सेकुलर विपक्ष को यह नहीं पता कि हर घर तिरंगा अभियान प्रत्येक नागरिक व नागरिकों के हित में काम करने वाले हर संगठन व दल के लिए है। प्रधानमंत्री जो भी अपील व आग्रह करते हैं वह सम्पूर्ण भारत के लिए होता है। संघ भी उनसे अलग नहीं है। हर घर तिरंगा अभियान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी महत्वपर्ण भूमिका अदा करने जा रहा है। हर घर तिरंगा अभियान भाजपा का नहीं अपितु हर देशभक्त नागरिक का अभियान है।यह बहुत ही दुर्भाग्य की बात है कि जब से तिरंगा अभियान की बात शुरू हुई तभी से इस विरोधी दलों ने अपनी विकृत राजनीति भी शुरू कर दी । जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ट्वीट के माध्यम से तिरंगे का इतिहास बताया और 13से 15 अगस्त तक अपने घरों में तिरंगा फहराने की अपील की तो कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा था कि ये खादी से राष्ट्रीय ध्वज बनाने वालों की आजीविका को नष्ट कर रहे हैं। वहीं जम्मू कश्मीर की पूव मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती व फारूख अब्दुल्ला जैसे नेताओं को भी हर तिरंगा अभियान पसंद नहीं आ रहा है।


यह लोग तिरंगे को घर पर रखने की बात कह रहे हैं । यह वही महबूबा मुफ्ती हैं जिन्होंने धारा 370 हटाते समय कहा था कि अगर 370 हटी तो घाटी में कोई तिरंगा फहराने वाला नहीं मिलेगा लेकिन आज उनका यह सपना पूरी तरह से टूट चुका है और जम्मू –कश्मीर के लोग हर घर तिरंगा अभियान को पूरी ताकत के साथ सफल बनाने के लिए जुट चुके हैं । । तिरंगे के बहाने आज जम्मू कश्मीर में एक बार फिर राष्ट्रवाद की जड़ें मजबूत हो रही हैं वहीं अलगाववाद के काले मंसूबे ध्वस्त हो रहे हैं।हर घर तिरंगा अभियान में हर किसी को शामिल होना चाहिए यह किसी राजनैतिक दल का कार्यक्रम नहीं अपितु हर देशभक्त नागरिक का उत्सव है। यह अभियान एक भारत श्रेष्ठ भरत की संकल्पना को और अधिक मजबूती प्रदान करने वाला अभियान है। राष्ट्रभक्ति का अर्थ केवल तिरंगा हाथ में लेकर चलना ही नही होता है अपितु राष्ट्रीय कर्तव्य को पूरा करने का प्रण भी होता है। हमें तिरंगा अभियान में यह संकल्प लेना है कि अब हम जहाँ भी हैं जो कुछ भी कर रहे हैं उसको करते हुए भारत भक्ति का भाव सबसे ऊपर रखेंगे।हम लोगों ने 15 अगस्त और 26 जनवरी के दिन बच्चों के हाथों में तिरंगा लेकर प्रभात फेरियां निकालने की कहानियां सुनी हैं और उस अवसर पर गाये जाने वाले गीत शरीर में अलग ही ऊर्जा पैदा कर देते थे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चरखे से खादी का बना तिरंगा न केवल आजादी की लड़ाई की पहचान बना बल्कि आज भी देशभक्ति का प्रतीक है। वर्तमान समय में, जब सब कुछ ऑनलाइन हो रहा है, तिरंगा यात्रा भी हाईटेक हो गयी है इसके लिए संस्कृति मंत्रालय ने एक अलग पहल की है जिसमें आनलाइन भी तिरंगा लगाया जा सकता है।सच तो यह है कि स्वतंत्रता दिवस आने से पहले ही इंटरनेट मीडिया पर तिरंगा लहराने लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इंटरनेट मीडिया एकांउट की डीपी पर तिरंगा लगाया और लोगों से भी ऐसा करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आग्रह का असर तत्काल देखा गया और उसके बाद केंद्र सरकार के सभी मंत्रियों और एनडीए के सांसदों सहित तमाम कार्यकर्ता गण और जन सामान्य अपनी डीपी में तिरंगा लगा चुके हैं। पूरा देश आजादी का अमृत महोत्सव धूमधाम से मना रहा है और अपने आजादी दिलाने वाले उन वीर सपूतों को शत-शत नमन और प्रणाम करता है।

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