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Monday, August 29, 2022

बाढ़ को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 42 बाढ़ चौकी बनाई

बाढ़ चौकी में एएनएम, आशा को किया तैनात 

बाढ़ के दौरान फैलते हैं संक्रामक रोग, रहे सतर्क

बांदा, के एस दुबे । जिले में बाढ़ की विकरालता के कारण तिंदवारी, जसपुरा, कमासिन व बबेरू ब्लाक के गांवों में भयावह हालात है। स्वास्थ्य विभाग ने संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए तैयारियां तेज कर दी है। प्रभावित इलाकों में 42 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। यहां एएनएम, आशा व सुपरवाइजर को तैनात हैं। जिला एवं ब्लाक स्तर पर मानीटरिंग के लिए दो नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एके श्रीवास्तव ने बताया कि बाढ़ के कारण कई गांवों में पानी भर गया है। इससे बीमारियां फैलने की संभावना है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को अलर्ट कर दिया गया है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर एसीएमओ डा. आएन प्रसाद व एसीएमओ डा. पीएन यादव के नेतृत्व में टीमें गठित की हैं। इसी तरह ब्लाक स्तर पर प्रभारी चिकित्साधिकारियों के नेतृत्व में टीम गठित की गई है।

सीएमओ ने बताया कि टीम को निर्देशित किया गया है कि लोगों को जागरूक करें। टीम के पास बुखार, दस्त, एंटी एलर्जी, दर्द जैसी जरूरी दवाओं के साथ फर्स्ट एड किट उपलब्ध करा दी गई है। बीमार को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराने को कहा गया है। गांव में शिविर लगाकर जरुरत के अनुसार दवाइयां वितरित की जा रही हैं। 


रोजाना लिया जा रहा अपडेट

बांदा। एसीएमओ डा. पीएन यादव ने बताया कि फिलहाल कहीं बीमारी फैलने की सूचना नहीं है। स्वास्थ्य टीमें अलर्ट है। रोजाना अपडेट लिया जा रहा है। किसी तरह की समस्या होने पर निकट की बाढ़ राहत चौकी पर मौजूद चिकित्सक स्टाफ से दवाएं ली जा सकती है। 

बाढ़ से बचाने को बरतें सावधानी

  • टार्च लेकर ही अंधेरे में जाएं और चारपाई पर सोएं। 
  • सांप काटने पर नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं। 
  • पानी उबालकर और उसमें क्लोरीन मिलाकर पीएं। 
  • उल्टी, दस्त व आँख में खुजली होने पर निकट की बाढ़ चौकी से दवा लें। 
  • शरीर को ढक कर रखें और मच्छरों को काटने से बचें। 
  • सोते समय मच्छरदानी लगाएं और स्वच्छता पर खास ध्यान दें। 

इन बातों को रखें ख्याल  

  • रात में झाड़ियों में न जाए।
  • झोलाछाप से इलाज न कराए और न ही झ़ाड़फूंक के चक्कर में पड़े।
  • बाढ़ के संपर्क में आई हुई खाने पीने की वस्तुओं का प्रयोग न करें।
  • बासी भोजन और कटे फलों का सेवन न करें।
  • बिना चिकित्सक के परामर्श के कोई औषधि का सेवन न करें। 
  • बिना उबाले पानी का सेवन न करें।


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