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Thursday, July 14, 2022

वर्षा की एक-एक बूंद के संचयन हेतु नागरिकों को करें प्रेरित : साध्वी

परंपरागत खेती के साथ-साथ बागवानी व वृक्षारोपण पर भी ध्यान दें किसान 

केंद्रीय राज्यमंत्री ने राष्ट्रीय वाटरशेड सम्मेलन का किया शुभारंभ 

फतेहपुर, शमशाद खान । प्लेनरिंग हाल विज्ञान भवन नई दिल्ली में राष्ट्रीय वाटरशेड सम्मेलन का कार्यक्रम वर्चुअल माध्यम से जोड़ा गया। कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी में विशिष्ट अतिथि उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने जनपद स्तर पर राष्ट्रीय वाटरशेड सम्मेलन कार्यक्रम का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। डीएम अपूर्वा दुबे ने मुख्य अतिथि साध्वी निरंजन ज्योति को बुके देकर स्वागत किया। 

राष्ट्रीय वाटरशेड सम्मेलन में हिस्सा लेतीं केंद्रीय राज्यमंत्री व डीएम।

केंद्रीय राज्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर बताया कि आज अत्यंत हर्ष का अनुभव हो रहा है कि भूमि संसाधन विभाग ने राष्ट्रीय स्तर पर इस सम्मेलन का आयोजन किया है। इसके लिए प्रोडक्शन सिस्टम डेवलपमेंट एवं अमृत सरोवर को थीम के रूप में चुना है। भूमिगत जल स्तर को ऊपर उठाने के लिए वर्षा की एक-एक बूंद को संचयित करके ग्राम पंचायत स्तर पर कार्य योजना बनाकर नागरिकों को बारिश के पानी को संचयन करने के लिए प्रेरित किया जाए। किसान परंपरागत खेती के साथ-साथ बागवानी और वृक्षारोपण पर भी ध्यान दें। जैविक/प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाए। एक जगह पर यूरिया रखी जाए और दूसरी जगह पर गोबर की खाद रखी तो यूरिया को हटाकर देखेंगे तो यूरिया वाले स्थान पर की जमीन सुखी और गोबर की खाद के नीचे नमी पाएंगे। उन्होंने कहा कि जनपद में डीएम अपूर्वा दुबे के प्रेरणा व जनमानस के प्रयास से ससुर खदेरी नदी व इससे जुड़ी हुई चार झीलों को जल संचयन के लिए पुनर्जीवित किया गया है। जिससे जनपद में जल जल स्तर को ऊपर उठाने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वाटर शेड विकास के घाटक-प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 में बागवानी फसलों को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आय दोगुनी करके उनको आर्थिक स्तर पर मजबूत बनाया जा सकता है। केन्द्र/प्रदेश सरकार द्वारा जल संचयन के लिए विभिन्न स्तर पर योजनाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है जिससे जल को संवर्द्धन करके अधिक से अधिक मिट्टी को उपजाऊ बनाकर खेती के लिए तैयार किया जा रहा है। वाटर शेड के माध्यम से 27 मिलियन हेक्टेयर की परियोजनाएं चल रही है जो प्रगतिशील भारत का अहम हिस्सा प्रदर्शित हो रही है। कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से जुड़े राज्यमंत्री इस्पात एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय फग्गन सिंह कुलस्ते, राज्यमंत्री पंचायती राज मंत्रालय कपिल मोरेश्वर पाटिल, सचिव ग्रामीण विकास विभाग, नागेंद्र नाथ सिन्हा, अपर सचिव हुकुम सिंह मीणा, संयुक्त सचिव सोनमणि बोरा सहित राज्यो तथा संघ राज्य क्षेत्र सरकारों के वरिष्ठ अधिकारीगण, प्रतिष्ठित प्रतिभागी उपस्थित रहे।


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