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Monday, July 11, 2022

नाबालिग के अपहरण के मामले में गुलाबी गैंग कमाण्डर सहित आठ पर मुकदर्मा दर्ज

पीड़िता ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार

बांदा, के एस दुबे । नाबालिग लड़की का अपहरण करके एक सप्ताह तक कमरे में बंधक बनाकर उसका यौन शोषण किया गया। लड़की की बरामदगी के बाद पुलिस ने 164 के बयान कराए। जिसमें गुलाबी गैंग कमांडर संपत पाल सहित 8 आरोपियों के नाम सामने आए । जिसके आधार पर पुलिस में सभी आठ आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।

लेकिन अभी तक पुलिस ने किसी भी अभियुक्त को गिरफ्तार नहीं किया। बल्कि मामले को रफा-दफा करने के लिए पुलिस द्वारा पीड़िता पर दबाव बनाया जा रहा है। सोमवार को पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। कहा कि खुला घूम रहे आरोपियों से मुझे और मेरे परिवार के लोगों को जान का खतरा है। मामला जनपद बांदा में शहर कोतवाली क्षेत्र का है। गिरवां थाना क्षेत्र में रहने वाले पीड़िता के पिता ने बताया कि मेरी नाबालिग बेटी का शहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव से उस समय अपहरण किया गया। जब यहां हम एक रिश्तेदारी में आए थे। मेरी बेटी को अंकित तिवारी जीत व रजाउवा आदि 30 मई को अपहरण करके ले गए थे।


मैंने 5 जून को घटना की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई थी। 17 जून को मेरी लड़की बरामद हो गई। इसके बाद 22 जून को पुलिस ने लड़की के 164 के बयान दर्ज कराएं। तब अपने बयान में लड़की ने 8 लोगों के नाम उजागर किए। इनमें जीत,रजउवा, चुन्नू, विनोद, अंकित तिवारी कौशल्या, नीलम रागनी, और संपत पाल के नाम सामने आए।

अपने साथ हुई घटना का उल्लेख करते हुए पीड़िता ने बताया कि मैं कोतवाली क्षेत्र के गंछा गांव में परिवार के साथ गई थी। जहां से अंकित तिवारी, विनोद दुबे, रजउवा आदि ने मिलकर मेरा अपहरण कर लिया। मेरे आंखों में पट्टी बांध दी गई थी। जिससे मुझे नहीं पता की अपहण करने के बाद वह लोग मुझे कहां ले गए। लेकिन चार पहिया वाहन में पूरी रात सफर करने के बाद मुझे एक कमरे में कैद कर दिया गया। इस दौरान मेरे साथ मेरा यौन शोषण भी किया गया। साथ ही धमकी दी गई कि अगर तुमने यहां से भागने की कोशिश की तो तुम्हें और तुम्हारे घर वालों को जान से मार दिया जाएगा। इसके बाद गुलाबी गैंग कमांडर और नीलम वर्मा जो लड़के की मामी है ने मुझे गिरवां पुलिस के सुपुर्द किया था। यह महिलाएं भी मेरे अपहरण और दुष्कर्म के मामले में बराबर की भागीदार हैं। उसने बताया कि पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाए हम पर मामला रफा-दफा करने का दबाव बना रही है। वही सारे आरोपी मेरे घर के आस-पास घूमते हैं और जान से मारने की भी देते हैं। पीड़िता ने इस संबंध में सोमवार को पुलिस अधीक्षक को एक प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि अगर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। तो यह मुझे और मेरे परिवार को नुकसान पहुंचा सकते हैं इसलिए इनकी गिरफ्तारी की जाए।


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