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Sunday, July 17, 2022

जलसंरक्षण के लिए नजीर बने अधांव के किसान

अपने खर्चे से किसानों ने खेतों में की मेड़बंदी

बांदा, के एस दुबे । ‘खेत का पानी खेत में, गांव का पानी गांव मे’ मिशन के तहत ग्राम पंचायत अधांव में जल संरक्षण संवर्धन हेतु  बारिश की एक-एक बूंद को गांव में रोकने के लिए यहां के किसानों द्वारा इस वर्ष भी 200 बीघा से अधिक में किसानों ने अपनी लागत से ट्रैक्टर के माध्यम से खेत पर मेड बनवाने का कार्य किया हैं और लगातार मेडबन्दी  का  कार्य जारी है।


 इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शोध छात्र और अधांव गाँव निवासी रामबाबू तिवारी का कहना है कि बुंदेलखंड में हमेशा सूखा  अतिथि की तरह आता है बुंदेलखंड को पानीदार बनाने के लिए गांव में एक एक बूंद बारिश का पानी रोकना होगा तभी गांव का भूजल  का  स्तर बढ़ेगा, गांव में सूखा नहीं पड़ेगा, खेतो  में नमी आएगी,उत्पादन बढ़ेगा, हमारा गांव पानीदार  बनेगा, गाँव खुशहाल बनेगा। खेत का पानी खेत में गाँव का पानी गाँव मे मिशन की सराहना पिछले  वर्ष  27 जून 2021 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात में इस अभियान की सराहना कर चुके हैं। मन की बात गांव के किसानों द्वारा छोटे से प्रयाग को ज़िक्र करने से गांव के किसान भाइयो मे उत्साह  बढा  हैं साल भर छोटे-छोटे प्रयास करके जल संरक्षण संवर्धन का कार्य यहां के गांव वासी करते हैं। गांव के किसान

देव गुलाम यादव का कहना है कि गांव में  खेत मे मेड बनाने के लिए किसानो को सरकार द्वारा सब्सिडी भी प्रदान की जानी चाहिए जिससे किसान में अतिरिक्त बोझ न आए। वही गांव की किसान ब्रज राघव दीक्षित का कहना है कि गांव में मोटे अनाजों का उत्पादन  किया जाता है जिससे भूजल का दोहन न किया जा सके अधांव गांव के लोग पानी की कीमत जान गए हैं और पानी का प्रयोग बहुत ही शालीनता और सम्मान के साथ करते हैं पानी का दुरुपयोग यहां एक भी नहीं होता है ऐसे ही अन्य गांव किसानों को अधांव  गांव किसानों से सीख लेनी चाहिए। इस वर्ष जिन किसानों ने  अपने खेतो मे मेड बन्दी कराई है। वह इस प्रकार से देव नाथ गर्ग, राम जी तिवारी,विपिन यादव, राजेश राजेंद्र, गोरेलाल पासवान, अंकित पांडे आदि हैं।


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