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Sunday, July 31, 2022

भक्ति, शक्ति और मुक्ति की चेतना के संवाहक गजलकार हैं नदीम : प्रो. पुनीत बिसारिया

रिपोर्ट देवेश प्रताप सिंह राठौर

झांसी। साहित्यिक संस्था संकल्प के तत्वावधान में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के वृन्दावनलाल वर्मा सभागार में जालौन के प्रसिद्ध कवि एवं शायर नासिर अली नदीम के गजल संग्रह शाश्वत संवाद की समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। समारोह के मुख्य अतिथि दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री हरगोविंद कुशवाहा रहे। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर उदय  त्रिपाठी, यज्ञदत्त त्रिपाठी, विनोद भावुक और सत्यप्रकाश ताम्रकार  रहे। समारोह की अध्यक्षता बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. पुनीत बिसारिया ने की। समारोह में संकल्प संस्था के पूर्व अध्यक्ष असित मित्तल की स्मृति में नदीम जी को असित मित्तल स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम  का संचालन कवि अर्जुन सिंह चांद ने किया। अतिथियों ने नासिर अली नदीम के गजल संग्रह का विमोचन किया। सभा को संबोधित करते हुए कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. पुनीत बिसारिया ने कहा कि नदीम जी की गज़लें धर्म, अध्यात्म, प्रेम, समसामयिकता


और बिंब विधान को प्रतिबिंबित करती हैं। उन्होंने अपनी गजलों में भारतीय सांस्कृतिक चेतना को प्रदीप्त किया है। वे भक्ति, शक्ति और मुक्ति की चेतना के संवाहक गजलकार हैं। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश बौद्ध संस्थान के उपाध्यक्ष और दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री हरगोविंद कुशवाहा ने कहा कि नदीम साहब कवि रसखान की परंपरा के कवि हैं, उनकी लिखी हिंदी गजलें हिंदी साहित्य की अनमोल धरोहर है । वे कवियों और शायरों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। गजल संग्रह की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि उनका लेखन माटी की तरह शीतलता प्रदान करता है। उनकी रचनाएं सीमा, पंथ संप्रदाय से ऊपर हैं। वे मानवता के कवि हैं। लेखक वंशीधर मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि नदीम जी का लेखन संकल्प के साथ साहित्य साधना है। वह हमारी चेतना को  जगाता है और साहित्य के साथ साथ संस्कृति, वेद पुराण का गहरा अध्ययन उनके लेखन में झलकता है, उन्होंने पौराणिक  प्रतीकों को  अपनी गजल व कविताओं  में शामिल किया है। इस अवसर पर विनोद भावुक ,डॉ रेनू चंद्रा, सत्य प्रकाश ताम्रकार सत्य, अनिल शर्मा ने  नासिर अली नदीम के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। 

द्वितीय सत्र में आयोजित कवि गोष्ठी का संचालन संजीव दुबे ने किया व आभार अर्जुन सिंह चांद ने किया जिसमें सुमन मिश्रा, निहाल चन्द्र शिवहरे, संध्या निगम, कश्फी, अर्जुन सिंह चांद, देवेन्द्र भारद्वाज, सुखराम चतुर्वेदी फौजी, साकेत सुमन चतुर्वेदी, वैभव दुबे, संजय राष्ट्रवादी, मुहम्मद नईम, अभिषेक बबेले, पुनीत कुमार, आर्किटेक्ट प्रदीप कुमार यादव, डॉ द्युति मालिनी, पुष्पेन्द्र कुमार, अभिषेक सेंगर सहित अनेक कवियों ने काव्य पाठ से आनंदित किया।

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