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Friday, July 29, 2022

सीएमओ ने लिया महिला चिकित्सक को कमरे में बंद करने के मामले को संज्ञान

सीएमओ ने जांच कर कार्यवाही का दिया आश्वासन

नरैनी/बांदा, के एस दुबे । स्वास्थ्य केंद्र में दिव्यांग महिला चिकित्सक को आवास के अंदर बन्द कर ताला डाल देने का मामला तूल पकड़ गया।मुख्य चिकित्सा अधिकारी के द्वारा मामले को संज्ञान में लेकर प्रकरण की गंभीरता से जांच करवा दोषी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही किये जाने की बात कही गयी।

गुरुवार के दिन स्वास्थ्य केन्द्र में तैनात महिला चिकित्सक को आवास के अंदर कर बाहर से दो ताला डालकर चिकित्सा अधीक्षक द्वारा सील किये जाने का कार्य किया गया।गुरुवार के दिन 11 बजे से लेकर रात 8 बजे तक पैरों से दिबयांग महिला चिकित्सक डा. स्नेहलता आवास के अंदर कैद रही।सूचना पाकर मौके पर कोतवाली पुलिस की मौजूदगी में गुरुवार की रात 8 बजे आवास का ताला तोड़कर चिकित्सक महिला को बाहर निकाले जाने का कार्य किया गया।इस मामले पर अस्पताल में तैनात अधीक्षक डॉ लवलेस पटेल  उपजिलाधिकारी व कोतवाली निरीक्षक


के यहां पहुचकर महिला चिकित्सक के खिलाफ  जबरन सरकारी आवास में कब्जा करने के सम्बंध में तहरीर देकर कार्यवाही की मांग की।सूचना पाकर पहुचे मुख्य चिकित्सा डॉ अनिल श्रीवास्तव ने महिला चिकित्सक का पक्ष जानने के लिए डॉ स्नेहलता को आवास से बाहर बुलवाया।इस दौरान महिला चिकित्सक ने बताया कि वह पहले नर्स ट्रेनिंग सेंटर में रहती रही।ट्रेनिंग सेंटर के आवास खाली करवाये जाने के लिए चिकित्सा अधीक्षक डॉ लवलेस पटेल द्वारा नोटिस दी गयी।महिला  चिकित्सा द्वारा नर्स ट्रेनिंग सेन्टर छोड़कर खाली पड़े आवास के जाकर रहने  लगी।जिस पर चिकित्सा अधीक्षक  लवलेस पटेल आक्रोशित हो गए।स्वास्थ्य केंद्र से  मरीजों को देखने के बाद आवास के अन्दर गयी महिला चिकित्सक को अन्दर कर बाहर से दो ताले लगाकर अधीक्षक द्वारा तालों में सील की मुहर लगा दी गयी।परेसान महिला चिकित्सक पूरे दिन आवास के अंदर बन्द रही।उधर मामले की सफाई में सीएमओ के सामने चिकित्सक अधीक्षक ने अपना पक्ष रखते हुए आवास को सील कर ताला लगाए जाने की बात स्वीकार की।मुख्य चिकित्सा अधिकारी दोनों पक्ष सुनकर मामले के जांच के कराये जाने की बात कही।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अनिल श्रीवास्तव ने भी दोनों पक्षों की बात सुनने के बात दोषी  अधीक्षक को फटकार लगाते हुए महिला चिकित्सक को कार्यवाही का भरोसा दिया।शुक्रवार के दिन उपजिलाधिकारी रावेंद्र कुमार भी पड़ताल व जांच करने मौके पर पहुच पीड़ित महिला चिकित्सक व इस्टाफ अन्य कर्मियों के बयान लिए।


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