अब बालिकाएं गर्भ में भी सुरक्षितः प्रभा गुप्ता - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Saturday, June 4, 2022

अब बालिकाएं गर्भ में भी सुरक्षितः प्रभा गुप्ता

महिला हिंसा की वारदातों पर उठा रहे सख्त कदम

महिलाओं व पुरुषों को समान अवसरः उपनिदेशक

सीफार के सहयोग से आयोजित हुई मीडिया कार्यशाला

मंडल और जिले के अधिकारियों ने व्यक्त किए विचार

बांदा, के एस दुबे । वर्तमान में महिलाओं व पुरुषों को समान अवसर दिए जा रहे हैं। बेटियों को समाज में अपनी प्रतिभागिता बढ़-चढ़ कर सुनिश्चित करनी चाहिए। मिशन शक्ति-4 का उद्देश्य है महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना एवं उनकी प्रतिभा को निखारना। मौजूदा सरकार महिला सुरक्षा को लेकर दृढ़ संकल्पित है। हम बालिकाओं को गर्भ से सुरक्षा दे रहे हैं।


यह बातें राज्य महिला आयोग सदस्य की प्रभा गुप्ता ने शनिवार को मिशन शक्ति अभियान-4 के अन्तर्गत मीडिया कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहीं। सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में मंडल और जिले के अधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि महिला हिंसा के खिलाफ सरकार सख्त है और ऐसी हरकत करने वालों के विरुद्ध सख्म कार्रवाई की जा रही है। हर थाने में महिला हेल्प डेस्क है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।


उप निदेशक/उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी चित्रकूट मण्डल/जिला प्रोबेशन अधिकारी चित्रकूट, महिला एवं बाल विकास विभाग (महिला कल्याण) रामबाबू विश्वकर्मा ने मिशन शक्ति अभियान 4.0 एवं महिला कल्याण विभाग की ओर से संचालित कल्याणकारी योजनाओं और मंडल स्तर की उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंडल में निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत वर्तमान में 69 हजार लाभार्थी को लाभान्वित किया जा चुका है। रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के तहत मण्डल में 194 महिलाओं व बालिकाओं को 6.41 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। वन स्टॉप सेन्टर के तहत 2,473 महिलाओं को मदद पहुंचाई गई। महिला हेल्पलाइन 181 के तहत अभी तक कुल 816 महिलाओं को सहायता दी गई है। 

राज्य सलाहकार बाल संरक्षण, निदेशालय महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग प्रीतेश कुमार तिवारी ने मिशन शक्ति की गतिविधियों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महिलाओं को बराबर का सम्मान देकर ही हम उन्हें स्वावलंबी बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि बेटी बचाना जरूरी है। हालांकि, लोगों की मानसिकता में परिवर्तन आया है। घरेलू हिंसा या दहेज के मामले में प्रताड़ित महिलाएं 181, 1090, 1098, 112 सहायता नंबर पर एवं सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लें। महिलाओं एवं बालिकाओं की रक्षा/सुरक्षा के लिए बनाये गये अधिनियमों/कानूनों का वृहद स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। 

कार्यशाला के शुरू में सीफार के जिला प्रतिनिधि इमरान अली ने लघु फिल्म प्रस्तुत की। वहीं सीफार की राज्य प्रतिनिधि सोनम राठौर ने संस्था कें कार्य और आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन यूनीसेफ के मंडलीय तकनीकि रिसोर्स पर्सन परीक्षित सेठ ने किया। इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी अशोक कुमार (महोबा) व राजीव कुमार सिंह (हमीरपुर), पंकज मिश्रा और सीफार के यशवंत, एसए हुसैन आदि उपस्थित रहे।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages