उमा कुशवाहा नें जन अधिकार पार्टी से दिया इस्तीफा - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Tuesday, June 14, 2022

उमा कुशवाहा नें जन अधिकार पार्टी से दिया इस्तीफा

आधी आबादी के पूरे हक की लड़ाई रहेगी जारी

बदौसा(बांदा), के एस दुबे । जन अधिकार पार्टी महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं नरैनी विधान सभा प्रभारी श्रीमती उमा कुशवाहा नें पार्टी से त्याग पत्र दे कर साबित्री बाई फुले महिला अधिकार संघ (भारत) के बैनर तले ष्आधी आवादी पूरे हकष् का नारा बुलंद कर महिला हिंसा, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार, रासन पोषण और सामाजिक सुरक्षा, सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक बराबरी के मुद्दों पर साझा संघर्ष का एलान किया। 

 वरिष्ठ समाजसेविका श्रीमती उमा कुशवाहा नें जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू सिंह कुशवाहा को रजिस्टर्ड डाक द्वारा आपना स्तीफा भेज कर कहा कि वह जन अधिकार पार्टी महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश उपाध्यक्ष तथा नरैनी विधान सभा क्षेत्र की प्रभारी पद एवं सदस्यता से त्याग पत्र दे रही है। जन अधिकार पार्टी में  जिसकी


जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी के नारा के प्रभावित हो कर पार्टी में आयी और दिन रात मेहनत कर राष्ट्रीय अध्यक्ष के हर आदेश का पालन कर जिलाध्यक्ष से प्रदेश उपाध्यक्ष के पद तक का दायित्व संभाल प्रदेश के पश्चिम से पूरव तक संगठन को मजबूत करने का दायित्व निभाया।उन्होंने कहा कि मुझे लगा कि पार्टी में महिलाओं के हक हकूक की लड़ाई लड़ी जायेगी मगर बुन्देलखण्ड से एक प्रखर महिला नेता बांदा से तैयार हो, राष्ट्रीय अध्यक्ष के छोटे भाई शिवशरण कुशवाहा (झांसी ललितपुर कांग्रेस के पूर्व सांसद प्रत्याशी) के आंखों में खटकनें लगी वह कई बार तथागत स्कूल अतर्रा बुला कर बांदा छोड़ कर कहीं भी काम करेने की चेतावनी देते रहे मगर संगठन के मुखिया के आदेश पर अपने सीमित संसाधनों पर सुरक्षित सीट नरैनी विधान सभा 234 को अपना कार्य क्षेत्र बनाया और नरैनी विधान सभा प्रभारी के रूप में काम पर लग गयी, बांदा में काम पर लगना शिवशरण कुशवाहा (कांग्रेस पार्टी पूर्व सांसद प्रत्याशी) को नागवार लगा तो पहले जिले के कार्यकर्ताओं को सहयोग करने से रोका मगर सच्ची सिपाही की ज़िद्दी स्वभाव पर धड़ा धड़ा अपने सीमित संसाधनों पर पार्टी का झंडा नरैनी विधान सभा के बूथ स्तर पर गाड़ ने लगी तभी शिवशरण कुशवाहा व उनके करिंदे तरह तरह से परेशान करने लगे, इन सब बातों को राष्ट्रीय अध्यक्ष को बताती रही वह भी क्या करते परिवार वाद के आगे यह कहते कि मैं तो आपको कुछ नहीं कहता हूँ। 

शिवशरण मुझे अपना प्रतिद्वन्द्वी मानने लगे विधान सभा चुनाव तक सब कुछ झेल कर काम किया। वर्चस्व को ले कर एक महिला को तरह तरह से मानसिक पीड़ना पहुंचाने का कुकृत्य राष्ट्रीय अध्यक्ष की चुप्पी में अनवरत जारी रहा गुटबाजी इस कदर बढ़ गयी कि नरैनी विधान सभा में बांदा जिले की अन्य विधान सभाओं से अधिक बोट मिलने के बावजूद बिना प्रमाण के विधान सभा की कार्यकारिणी के पदाधिकारियों पर आरोप प्रत्यारोप लगाये जानें लगे, जब कि पूरी विधान सभा में प्रभारी, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष महासचिव, सेक्टर व बूथ अध्यक्ष उनके द्वारा बनाये गये ही काम किये है। अब पार्टी यह नारा जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी नहीं जिसकी जितनी चमचागीरी उसकी उतनी जिम्मेदार का हो गया है। श्रीमती कुशवाहा नें कहा कि वह दुरूखी मन से राजनैतिक पार्टी के दलदल से अलग हो कर पूर्व की भाँति समाज सेवा के रास्ते में वापस वंचित समाज की महिलाओं व लड़कियों के अधिकारों की पैरवी सामाजिक संगठन सावित्री बाई फूले महिला अधिकार संघ (भारत) के माध्यम से करने का निर्णय लिया है।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages