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Thursday, June 2, 2022

अब नदियों के नाम से जाने जायेंगे सर्किट हाउस में वीआईपी रूम

राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने किया नामकरण

नेवी बुंदेली पुस्तक का हुआ विमोचन

बांदा, के एस दुबे । गुरूवार को राज्यमंत्री जलशक्ति विभाग रामकेश निषाद द्वारा सांसद बांदा-चित्रकूट आरके सिंह पटेल की उपस्थित में जनपद बांदा के सर्किट हाउस के कक्षों का नामकरण स्थानीय नदियों के नाम विधि पूर्वक पूजन कर किया गया। सर्किट हाउस बांदा के वी0वी0आई0पी0 01 का नाम गंगा, वी0आई0पी0 02- बागेन, वी0आई0पी0 03- चम्बल, वी0आई0पी0 04- मंदाकिनी, सभागार-डेल्टा, वी0वी0आई0पी0 02- यमुना, वी0आई0पी0 05- रंज, वी0आई0पी0 06- बेतवा, वी0आई0पी0 07- धसान, वी0आई0पी0 08- चन्द्रावल नदियों के नाम पर नामकरण किया गया है।


इस अवसर पर मिशन शक्ति के तहत नवेली-बुन्देली अभियान (कन्या जन्मोत्सव) सम्बन्धी पुस्तिका का विमोचन किया गया। जिलाधिकारी द्वारा की गयी इस पहल के लिए राज्यमंत्री एवं सांसद द्वारा कार्य की सराहना व्यक्त की गयी। इस मौके पर राज्यमंत्री ने कहा कि कुछ ही दिनों में मानसून आने वाला है, इसको लेकर जल संरक्षण के लिए जिला स्तर पर विभिन्न कार्य कराये जायें। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार वंचितों, गरीबों एवं अन्त्योदय के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसको लेकर उ0प्र0 सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की कल्याणकारी योजनायें चलायी जा रही है, जिनसे लोग लाभान्वित हो रहे हैं। इस मौके पर सांसद ने कहा कि जिला बांदा की प्रशासनिक टीम अच्छा कार्य कर रही है। इसके लिए जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारी गण बधाई के पात्र हैं। नवेली-बुन्देली अभियान को लेकर उन्होंने कहा कि अब लोग जागरूक होंगे और अपनी बेटियों को बोझ नही समझेंगे। कल ही आए यू0पी0एस0सी0-2021 के रिजल्ट में लडकियां लडको से आगे रहीं।

जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने जानकारी देते हुए अवगत कराया कि बुन्देलखण्ड के लोग बच्चियों के जन्म को अच्छा नही मानते हैं और बच्ची के होने पर खुशी का इजहार नही करते हैं, जबकि पुत्र के जन्म लेने पर सोहर गीत, बराहौं  इत्यादि कार्यक्रम करते हुए उसका जन्मोत्सव मनाते हैं जिसके कारण बुन्देलखण्ड में लिंग भेद, बेटियों को गर्भ में मार देने आदि की घटनायें होती रहती है। इसी कारण से जनपद बांदा में भी पुरूष-महिला अनुपात संतोष जनक नही है। लिंग भेद समाप्त करने, गर्भ में बच्ची को मारने से बचाने, पुरूष/महिला अनुपात में सुधार करने तथा बच्चियों/बालिकाओं को समाज में सम्मान दिलाने हेतु नवेली-बुन्देली नामक अभियान 25 दिसम्बर, 2021 को भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के जन्म दिवस पर यह अभिनव पहल शुरू की गयी थी। अभी तक 25 दिसम्बर, 2021 से 30 अप्रैल, 2022 तक कुल 4581 कन्याओं का जन्मोत्सव मनाया गया। इस अभियान को उ0प्र0 सरकार द्वारा चलायी जा रही मिशन शक्ति अभियान फेस-3 से जोडा गया।


नवेली-बुन्देली अभियान के अन्तर्गत जन्म लेने वाली कन्याओं को केन्द्र सरकार/राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न लाभार्थीपरक योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना, जननी सुरक्षा योजना, श्रम विभाग की मातृत्व शिशु एवं बालिका प्रोत्साहन योजना, डाक विभाग की सुकन्या समृद्धि योजना, बच्ची का नियमित टीकाकरण, बच्ची के छः माह पूर्ण होने पर अन्न प्रासन दिवस आदि योजनाओं से आच्छादित करने की भी कार्यवाही की जा रही है। इसी प्रकार बच्ची के माता-पिता, दादा-दादी को भी केन्द्र/राज्य सरकार की विभिन्न प्रकार की  लाभार्थीपरक योजनाओं जैसे उज्जवला योजना, उजाला योजना, प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास योजना, पी0एम0किसान योजना, राशन कार्ड इसी प्रकार की विभिन्न प्रकार की पेंशन योजनाओें के माध्यम से लाभ प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है।

कार्यक्रम में उपस्थित विधायक सदर प्रकाश द्विवेदी, विधायक नरैनी श्रीमती ओममणि वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील पटेल, बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष अयोध्या सिंह पटेल, ब्लाक प्रमुख बडोखर खुर्द स्वर्ण सिंह सोनू, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष श्रीमती वन्दना गुप्ता, अधीक्षण अभियंता श्याम चौबे, उप जिलाधिकारी सदर/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 अनिल श्रीवास्तव, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड सुमंत कुमार, अधिशाषी अभियंता रामआसरे दोहरे, नगर मजिस्ट्रेट केशव नाथ गुप्त, मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ0 सुनीता सिंह, अपर जिला सूचना अधिकारी शारदा देवी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


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