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Saturday, June 18, 2022

पैगम्बर मोहम्मद साबह पर टिप्पणी के विरोध में एआईएमआईएम का प्रदर्शन

राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा

बांदा, के एस दुबे । एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के दिशा निर्देश पर आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के जिलाध्यक्ष वाजिद अली की अगुवाई में पैगंबर हज़रत मोहम्मद साहब पर की गई विवादित टिप्पणी और उसके बाद सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए राज्यपाल को संबोधित एक मांग पत्र नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। जिसमें पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी समेत विभिन्न पदाधिकारियों पर दर्ज किए गए फर्जी मामलों की जांच उच्च न्यायालय द्वारा गठित एसआईटी के माध्यम से कराए जाने की मांग की है। अपने मांग पत्र में पार्टी जिला अध्यक्ष वाजिद अली ने कहा कि एआईएमआईएम भारतीय संविधान और लोकतंत्र पर अटूट विश्वास रखती है। पार्टी किसी भी प्रकार के हिंसात्मक, असंवैधानिक कृतियों का ना तो समर्थन करती है और ना ही


उन्हें प्रोत्साहन देती है। फिर भी पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता से विपक्षी दल बौखलाए हुए हैं और एक षड्यंत्र के तहत पार्टी पदाधिकारियों को फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। पैगंबर हज़रत मोहम्मद साहब पर अमर्यादित और अक्षम्य टिप्पणी करने वाली नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल आज तक गिरफ्तार नहीं किए गए। जिससे लोगों में रोष व्याप्त है। ठीक इसी के विपरीत कानपुर में हुई हिंसा में वर्ग विशेष के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि कई जगह की घटनाओं में ऐसे दृश्य देखने को मिले हैं जिसमें पुलिस बल स्वयं पत्थर चला रही है और पुलिस के साथ अराजक भीड़ भी पत्थर चलाते देखी गई। जो किसी भी कानून के सम्मत नहीं है। प्रयागराज में बिना किसी सबूत के पार्टी पदाधिकारियों को हिंसा का जिम्मेदार ठहराते हुए जिला अध्यक्ष शाह आलम और अन्य कार्यकर्ताओं को फंसाने का अशोभनीय कृत्य किया गया। इसी तरह जिस व्यक्ति को मास्टरमाइंड बता कर बुलडोजर से मकान को ध्वस्त किया गया है वह मकान उस व्यक्ति के नाम ही नहीं था। जिला अध्यक्ष ने कहा कि शासन की बुलडोजर नीति का इस देश और प्रदेश की न्यायिक कार्रवाई के ऊपर हावी होना संवैधानिक, लोकतांत्रिक और न्याय व्यवस्था के लिए स्वस्थ नहीं है। इसे तत्काल रोका जाना चाहिए। पार्टी पदाधिकारियों ने उक्त मामलों की उच्च न्यायालय द्वारा गठित कमेटी और यूपी सरकार की उच्च स्तरीय एसआईटी टीम के माध्यम से कराए जाने की मांग की। साथ ही राज्यपाल से मांग की है कि सरकार को निर्देशित करें कि भारतीय संविधान में प्रदत्त प्रावधानों के अनुरूप प्रदेश सरकार संचालन करें जिससे उत्तर प्रदेश के लोगों को उनके मूल अधिकारों के तहत रोटी कपड़ा और मकान शिक्षा रोजगार और स्वास्थ्य विद्युत जल और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। इस अवसर पर मुख्य रूप से नुसरत खान शीबू, मो तफ़ज़ील, मो अतहर आदि मौजूद रहे ।


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