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Saturday, June 11, 2022

चटक धूप व धूल भारी हवाएं चलने से बेहाल रहे लोग

रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रूकते ही पानी की रहती दरकार

बस स्टाप में प्यास बुझाने के लिए तड़ते यात्री 

फतेहपुर, शमशाद खान । आसमान से बरस रही आग और लू के थपेड़ों से लोगों को निजात नहीं मिल पा रही है। शनिवार को मौसम में और भी भीषण गर्मी रही। 46 डिग्री सेल्सियस के तापमान में जो भी व्यक्ति घर से बाहर निकला तो गर्म तेज हवाओं ने उन्हे झुलसाने में कोई कमी नहीं की। दिन भर लोग धूप व लू से बचते दिखे। 

रेलवे स्टेशन में बोतल में पानी भरते यात्री।

मौसम में तापमान का बढ़ना अभी तक जारी है। ऐसे में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है और लोग भीषण गर्मी के चलते त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। आज सुबह ही लोगों को गर्मी का सितम सहना पड़ा। भोर के समय कुछ बादल आए जिससे सुबह का मौसम सुहावना रहा लेकिन जैसे-जैसे घड़ी की सुई आगे बढ़ी तो दिन भर लोगों को चिलचिलाती धूप व लू के थपेडों से जूझना पडा। गर्मी के कारण घर से निकलना मुश्किल हो गया है। बदन को झुलसाने वाली गर्मी से जनमानस कराह उठा है। ऐसे में लोग घरों में ही दुबकने के लिए मजबूर हो गए हालांकि कामकाजी महिलाएं रही हो या फिर रोज कमाने खाने वाले मजदूर बदन को झुलसाकर मेहनत मजदूरी करते देखे गए। भीषण गर्मी में जहां लोग हलाकान हैं वहीं बस स्टाप सहित रेलवे स्टेशन में यात्रियों के बीच सबसे अधिक पानी की दरकार रहती है। रेलवे स्टेशन में आज का नजारा कुछ ऐसा ही रहा। ट्रेन के रूकते ही यात्री बोतले लेकर शीतल जल भरने के लिए लाइन में लग गए। ट्रेन के हार्न बजाते ही यात्री ट्रेनों में बैठ गए। वहीं बस स्टाप के हालात तो बद से बदतर हैं क्योंकि यहां यात्रियों के पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। स्वयंसेवी संगठनों द्वारा रखवाए गए मटके भी बेमकसद साबित हो रहे हैं। यह मटके हमेशा खाली रहते हैं। यात्री जब मटकों के नजदीक पहुंचते हैं तो पानी न देख उसका गला और सूख जाता है। विभाग द्वारा यहां पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं कराई गई है। जिससे सभी यात्री सरकार व विभाग को कोसते नजर आते हैं। 


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