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Monday, May 2, 2022

खेत खाली होने पर न छोड़े जाएं गौवंश : डीएम

पशु विभाग के डायरेक्टर ने कहा-चारागाह की भूमि से हटवाएं अवैध कब्जा

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल व पशु विभाग के डायरेक्टर इंद्रमणि की उपस्थिति में गोवंश के संबंध में बैठक जिला कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। 

डीएम ने कहा कि सरकार ने अन्ना प्रथा को समाप्त करने के लिए आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रबी का सीजन बीता उसमे गोवंश का संरक्षण किया गया है। जिसमें किसानों का नुकसान नहींं हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि गोवंश गौशाला में रहे। उन्होंने कहा जो परेशानी है उसका समाधान भी किया जाएगा। गौशाला अस्थाई न हो बल्कि स्थाई हो। खेत खाली होने पर छोड़ दिया जाए। ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह ग्राम का अस्थाई रूप से दायित्व हो गया है। सरकार द्वारा गो अभ्यारण्य बनाने के जगह को चिन्हित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नई ग्राम पंचायतों में गौशाला बनाया जाएगा। पशु विभाग के डायरेक्टर इंद्रमणि ने

बैठक में निर्देश देते डीएम व डायरेक्टर।

बताया कि कुछ गौशालाये है जो पशुओं को छोड़ देते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि साढ़े ग्यारह लाख गोवंश निराश्रित पाए गए हैं। जिनमें 9ः30 लाख गोवंश को संरक्षित हैं। लगभग 46 हजार जनपद चित्रकूट में संरक्षित है। एक बार इनको छोड़ दिया जाए तो बहुत ही परेशानी हो जाती है। मुख्यमंत्री इसे संज्ञान में लेकर कड़ी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि भ्रमण के दौरान चिल्ली राकस, बाबूपुर, चकौध इन सब जगह गौशाला अच्छा बना है, लेकिन गोबर यहां संरक्षित नहीं था। पशु विभाग के डायरेक्टर ने कहा कि 50 गोवंश पर एक गोपालक गांव की तरफ से चौकीदार के रूप में किया जाए। उन्होंने कहा पेमेंट में काफी समय लग रहा है। इसलिए पैसे कमी नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि 30 जून तक का पैसा समय से मिल चुका है। जिससे समय से भूसा का भुगतान कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि भूसा का रेट का एक टेंडर कराएं। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि गांव में काफी चरागाह की जमीनें हैं जो गांव के लोग अवैध रूप से कब्जा कर लिया है उनको खाली कराकर गौशाला व चरागाह बना लिया जाये। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि ऐसी गौशालाओं को जो भूसा पर निर्भर रहते हैं। कुछ ऐसे गौशाला हैं जो बाहर चरने के लिए जाते हैं। उसकी एक सूची बना लिया जाए। ग्राम प्रधान सुनील कुमार एचवारा ने बताया कि चरवाहों को आठ महीने में केवल दो महीने का वेतन मिला है। भूसा के लिए किसानों से रिक्वेस्ट किए जा रहे हैं कि कुछ भूसा दे दिया जाए। समय से पैसा भुगतान न होना सबसे बड़ी समस्या है। प्रधान पूरी तरह से प्रशासन के सहयोग करेगी। भुगतान की प्रक्रिया सरलीकरण कर दिया जाए। क्षमता के अनुसार एक गौशाला में एक ही चरवाहा होना चाहिए। प्रधान विपिन कुमार जारो माफी ने बताया कि कुछ गौशाला में जहां बिजली की समस्या से वहां पानी की भी समस्या है। डीएम ने कहा कि स्थाई रूप से ग्राम पंचायत ही करा देंगा। ग्राम पंचायत की महत्वपूर्ण भूमिका है। अगर पशुओं को छुट्टा छोड़ देते हैं तो किसानों की समस्या और बढ़ जाएगी। इसका स्थाई समाधान हो। उन्होंने कहा कि चरवाहों को पैसा दिया जाता है। वैक्सीनेशन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि 1962 मोबाइल एंबुलेंस है जो पशु चिकित्सा से संबंधित है। इसकी भी व्यवस्था प्रदेश सरकार करने जा रही है। उन्होंने कहा जो भी पेंडिंग है उसका समय से भुगतान कराया जाए। 

प्रत्येक गांव में 13 कर्मचारियों का होगा चयन

चित्रकूट। जल जीवन मिशन के अंतर्गत संपन्न हुई बैठक में जिलाधिकारी ने कहा हर घर जल हर घर नल के तहत पानी की समितियों की मीटिंग करा लिया जाए। हर गांव में पंचायत है। गांव के लोग हैं। हर घर में प्लंबर का कार्य सीखने के लिए उनकी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव से 13 लोगों का चयन किया जाएगा। जिसमें प्लंबर दो, इलेक्ट्रीशियन दो, मोटर मैकेनिक दो, पंप आपरेटर दो, राजमिस्त्री तीन, फिटर दो व प्रत्येक राजस्व गांव से पांच महिलाओं की नियुक्ति होगी जो पानी का सैंपल की जांच करेगी। इन लोगों की ट्रेनिंग के लिए खंड विकास में ट्रेनिंग होगी। कहा कि शासन के निर्देशों के अनुसार कार्य करना है। इसमें देरी न करें। समय से लोगों का चयन हो। प्रशिक्षण भी दिया जाए। इस अवसर पर उपर जिला अधिकारी नमामि गंगे सुनंदु सुधाकरण, परियोजना निदेशक ऋषिमुनि उपाध्याय, जिला परियोजना अधिकारी राजकुमार त्रिपाठी, ग्राम प्रधान आदि संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


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