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Sunday, May 29, 2022

हरिहर आश्रम के वार्षिकोत्सव में बही ज्ञान की गंगा


तिंदवारी (बांदा), के एस दुबे । श्री हरिहर आश्रम छापर ,जौहरपुर में वार्षिकोत्सव के अवसर पर आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण ने भक्ति और ज्ञान की गंगा बहाई, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु, भक्तजन एवं संतजनों ने कथा का रसपान किया।  स्वामी नगर हरिहर भारती महाराज द्वारा श्री हरिहर आश्रम में वार्षिक उत्सव के अवसर पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में बाल व्यास पंडित गोपाल कृष्ण महाराज ने कहा कि ब्रह्मा की सर्वश्रेष्ठ कृति मानव है। मानव को जो मानस प्राप्त होता है वह किसी दूसरे प्राणी को नहीं। मानस विचारों की खान


है, जिसके निर्देश के आधार पर अन्य कर्मेंद्रियां अपना-अपना व्यवहार करती हैं। इस मानस के निर्देशानुसार जो आचार, विचार प्रस्तुत करता है वही उसका व्यक्तित्व और पहचान बनती है।मानस की अनगिनत विभक्तियों और कुंडियों के मिश्रण से जितने व्यक्तित्व बन सकते हैं उन सबकी कोई गणना नहीं कर सकता। पंडित गोपाल कृष्ण ने कहा कि मेरे भारत में हर गुण की अलग बनी तस्वीर, जिनकी प्रतिमा पूजा पाती मठ मंदिर के बीच। उन्होंने कहा कि मनुष्य है जो आलस, निद्रा, तंद्रा एवं थकान का अनुभव कर विश्राम करता है। जबकि उसका मन न सकता है न सोता है। वह सदैव सक्रिय रहता है, सोते समय भी सपने देखता है। थकान मन का नहीं बल्कि इंद्रियों का विषय है। कर्मेंद्रियां लौकिक है, दृष्टव्य हैं, जबकि ज्ञानेंद्रियां लौकिक एवं अदृश्य हैं। उन्होंने कहा कि इस अदृश्य का नेतृत्व मन से और मन अपने से ऊपर की अदृश्य शक्ति बुद्धि से और बुद्धि अपने से ऊपर की आत्मा से निर्देशित होता है। आत्मा परमात्मा का अंश है। सीता स्वयंवर में धनुष भंग, द्रौपदी स्वयंवर में मछली की आंख का भेदन की घटनाएं केवल एक दिन के लिए न होकर हर समय, क्षेत्र के प्रत्येक प्राणी के लिए अनुकरणीय है। इस संसार में सहज भाव से कार्य करने की तन्मयता से जनसमर्थन अर्जित करने वालों के लिए असंभव कुछ नहीं होता है। यहां सुपर सिद्ध तबला वादक अरविंद पटेल तथा गायक पंडित अरविंद मिश्रा की संगत ने सब को भावविभोर कर दिया

 


    इस अवसर पर स्वामी सत्यानंद महाराज दतरौली, स्वामी नित्यानंद  सिसोलर, स्वामी पहलवानानंद परसहा, भाजपा जिला प्रवक्ता आनंद स्वरूप द्विवेदी, शिवनायक सिंह प्रधान भिडौरा, सिंघौली प्रधान अरुण कुमार शुक्ला, रवि प्रकाश सिंह संजय प्रबंधक श्री दर्शन महाविद्यालय, बड़ेलाल सिंह पटेल, जगराम विश्वकर्मा, काशी सिंह, मलखान सिंह, जगमोहन विश्वकर्मा किशोरा सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।


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