पति के दीर्घायु कामना को महिलाओं ने वट वृक्ष को पूजा - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Monday, May 30, 2022

पति के दीर्घायु कामना को महिलाओं ने वट वृक्ष को पूजा

राजापुर (चित्रकूट), सुखेन्द्र अग्रहरी । पुरातन काल से वट सावित्री व्रत की पूजा करने की परम्परा रही है। महिलाओं ने पति की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखकर बरगद व पीपल वृक्ष की पूजा की। ज्येष्ठ मास की सोमवती अमावस्या को महिलाओं ने वट वृक्ष के 108 परिक्रमा कर सूत्रबन्धन किया। सुनीता शर्मा ने बताया कि सतयुग में सती सावित्री की धर्म, निष्ठा, ज्ञान, विवेक, पतिव्रत धर्म की बात जानकर यमराज ने सत्यवान के प्राणों को मुक्त कर


दिया था। तभी सती सावित्री ने सत्यवान के प्राणों को लेकर वहाँ पहुँची जहाँ पर सत्यवान का मृत शरीर वट वृक्ष के नीचे पड़ा था। उनके प्राणों को लेकर सती सावित्री ने वट वृक्ष के सात फेरे लगाए। जिससे सत्यवान जीवित हो उठा था। इसके बाद उनका खोया हुआ राज्य भी उन्हें मिल गया। आगे चलकर वट वृक्ष की कृपा से सती सावित्री सौ पुत्रों की माँ बनी। भगवान विष्णु रूपी बरगद की पूजा करने के समय त्रिदेवता वास करते हैं जो पूजा से प्रसन्न होकर सौभाग्यवती भव का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। महिलाएं अमावस्या के दिन मध्य दोपहर में जल से वट वृक्ष को सींचकर तने को चारों ओर सात बार कच्चा धागा लपेटकर तीन बार परिक्रमा करती हैं।

वट व पीपल वृक्ष की पूजा करतीं महिलाएं।

व्यापारियों ने पिलाया शर्बत

चित्रकूट। मुख्यालय के स्टेशन रोड़ स्थित पेट्रोल पंप के सामने श्रद्धालुओं को गर्मी में तरोताजा करने के उद्देश्य से व्यापारियों ने शर्बत व ठंडा पेयजल पिलाया। सेवाभाव से गदगद श्रद्धालुओं ने इस कार्य को सराहा है। इस मौके पर महेन्द्र केसरवानी, विनोद गुप्ता, गोपीकृष्ण अग्रवाल, केशव शिवहरे, डा विभांशू गुप्ता, राजेन्द्र गुप्ता, अशोक कुमार एड आदि रहे।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages