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Wednesday, May 11, 2022

खनन माफियाओं के खिलाफ पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सहित अधिवक्ताओं का प्रदर्शन

अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप की कार्यवाही की मांग

बांदा, के एस दुबे । जिले में केन नदी सहित अन्य नदियों में भारी मशीनों से किए जा रहे बालू खनन पर रोक लगाने की मांग करते हुए छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष सुशील त्रिवेदी ने ऐसा न करने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। उन्होंने आज दर्जनों अधिवक्ताओं के साथ जिला अधिकारी बांदा को इस संबंध में एक ज्ञापन दिया और कहा कि जनपद में बालू का खनन तेज गति से चल रहा है। लगातार नदियों का सीना चीर कर मशीनों के माध्यम से अवैध खनन किया जा रहा है।

यह सब देख कर भी बालू माफियाओं के सामने प्रशासन मौन बना हुआ है जिससे नदियों का अस्तित्व खतरे में आ गया है।अगर इसी तरह से मशीनों से बालू खनन किया गया तो केन नदी का अस्तित्व मिट जाएगा।उन्होंने मांग की है कि मशीनों के बजाय मजदूरों के माध्यम से बालू निकाली जाए ऐसा करने से पलायन कर रहे मजदूरों को काम मिलेगा और नदियों का अस्तित्व बचाया जा सकेगा।


उन्होंने कहा कि नदियों में प्रतिबंधित पोकलैंड मशीन का सहारा लेकर खनन किया जाता है जिससे जलीय जीव जंतु नष्ट हो रहे हैं और नदी का अस्तित्व भी धीरे धीरे समाप्त हो रहा है।उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो वह इसके लिए जन आंदोलन करेंगे। पूर्व अध्यक्ष त्रिवेदी ने कहा कि केन नदी को बचाने के लिए भारी मशीनों से किए जा रहे खनन पर रोक लगाने को लेकर जिले में समाजसेवियों बुद्धजीवियों एवं आमजनमानस से जनसंपर्क करके जनांदोलन चलाया जाएगा । वही अधिवक्ता विक्रान्त सिंह, सुरेन्द्र मिश्रा, देवप्रसाद अवस्थी, यादवेंद्र विश्वकर्मा,राजेश द्विवेदी, आशीष मिश्रा, आदित्य कुमार ने कहा कि जनहित में प्रशासन को अबिलम्ब भारी मशीनों से खनन पर रोक लगाए जिससे केन नदी को बचाया जा सकें। इस अवसर पर अधिवक्ता विनय कुमार, सलिल अग्निहोत्री, ब्रम्हानन्द पाण्डेय, सुमित यादव, आलोक सिंह,चंद्रप्रकाश अवस्थी, सुशील बाजपेई, राघवेन्द्र सिंह, आशीष तिवारी, ब्राम्हण सभा के जिलाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, लक्ष्मीकान्त शुक्ला, अभिषेक शुक्ला, विपिन तिवारी सहित तमाम बुद्धजीवियों ने जनहित में समर्थन देकर मौजूद रहे।


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