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Wednesday, May 4, 2022

डा. मोनिका नेपाल भारत साहित्य महोत्सव में हुईं सम्मानित

शिक्षा, साहित्य एवं सामाजिक कार्यों में योगदान के लिए किया गया सम्मानित 

मेहरोत्रा के उपन्यास ‘अनोखा प्रेम’ उपन्यास का विमोचन भी हुआ 

बांदा, के एस दुबे । नेपाल भारत साहित्य महोत्सव में पूरे देश से शिक्षाविदों, साहित्यकारों, पत्रकारिता एवं सामाजिक कार्यों से जुड़े लोगों को सम्मानित किया गया।   नेपाल की राजधानी काठमांडू में स्थित पशुपति भवन में तीन दिवसीय (29 अप्रैल से 1 मई) अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें भारत एवं नेपाल में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को नेपाल भारत साहित्य महोत्सव में सम्मानित किया गया। इसी कड़ी में बांदा में भागवत प्रसाद मेमोरियल एजुकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट में कार्यरत प्रो. डा. मोनिका मेहरोत्रा को उनके शिक्षा, साहित्य एवं सामाजिक कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए सम्मानित किया गया। 

नेपाल में आयोजित महोत्सव में डा. मोनिका को सम्मानित करते अतिथिगण

प्रो. डा. मोनिका विगत 20 वर्षों से शिक्षा साहित्य एवं सामाजिक कार्य में लगी हुई हैं। नारी सशक्तिकरण का मुद्दा हो या फिर पर्यावरण सुरक्षा का, वह हर क्षेत्र में अग्रणी हैं। प्रयागराज में जन्मी डा. मोनिका मेहरोत्रा को बच्चों से अत्यधिक लगाव है। उन्होंने भारत सहित नेपाली, बांग्लादेशी, भूटानी, युगांडा नाइजीरिया, आदि कई देशों के बच्चों को शिक्षा दी है। नेपाल भारत साहित्य महोत्सव में डा. मोनिका का उपन्यास ‘अनोखा प्रेम’ का विमोचन किया गया। उसके नेपाली अनुवाद के लिए सहमति प्राप्त हुई। सबसे महत्वपूर्ण यह रहा कि नेपाल-भारत मैत्री को और मजबूत करने के लिए नेपाल-भारत से 9 लोगों की टीम बनाई गई जिन्होंने भविष्य का घोषणा पत्र तैयार किया और डा. मोनिका उनमें से एक सदस्य के रूप में चुनी गईं। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण काव्य गोष्ठी, लघु कथा वाचन एवं परिचर्चा रहे। जिसमे युग परिचर्चा जिसका विषय भारतीय साहित्य में महिला सशक्तिकरण, विषय में मुख्य चार सदस्य टीम रही। इसमें डा. मोनिका के विचारों को अत्यधिक सराहा गया। नेपाली, हिंदी एवं अंग्रेजी तीनों भाषाओं में मोनिका ने आकर्षक ढंग से अपने विचारों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर साझा किया। डा. मोनिका ने कहा कि साधारण से मध्यम वर्गीय परिवार में जन्म लेकर भी अंतरराष्ट्रीय प्रसिद्धि प्राप्त की जा सकती है, बशर्ते मेहनत में कोई कमी ना हो। भविष्य को लेकर डा. मोनिका बताती हैं कि भारत के बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा देना उनका प्रमुख लक्ष्य है और निकट भविष्य में वह अपनी नई पुस्तकों के साथ पाठकों को अपने विचारों से जोड़ती रहेंगी। उनकी इस उपलब्धि के लिए नामित चेयरमैन अंकित कुशवाहा ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। 


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