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Saturday, May 7, 2022

बुंदेलखण्ड के लिए शोध कार्य करना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता : कुलपति

उन्नत शोध कार्य बढ़ाने को शोध परिषद का तीन दिवसीय मंथन 

विश्वविद्यालय में किया गया तीन दिवसीय बैठक का आयोजन 

बांदा, के एस दुबे । बुन्देलखण्ड के लिये शोध कार्य करना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। वर्तमान मे दलहन तिलहन व मोटे अनाज के क्षेत्र मे शोध की अपार संभवनाएं है। बुन्देलखण्ड मे पलायन एवं पानी रोकना आवश्यक है। प्रदेश एवं देश के अन्य क्षेत्रो मे खरीफ फसल का आक्षादन होता है परन्तु यहां नही है, यह भी शोध का विषय है। आगामी तीन दिनों में देश के नामचीन वैज्ञानिको द्वारा बुन्देलखण्ड के लिए विभिन्न विषयो पर सुझाव दिए जाएंगे। जिसे भविष्य मे लागू कर शोध को आगे बढ़ाया जायेगा। यह बात विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरेन्द्र प्रताप सिंह ने प्रथम अनुसंधान परिषद की तीन दिवसीय बैठक के उदघाटन सत्र कही। 

बैठक में मौजूद कुलपति व अतिथिगण

कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय बांदा की स्थापना के बाद प्रथम तीन दिवसीय अनुसंधान परिषद की बैठक गुरुवार को कुलपति श्री सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। विशेषज्ञ के रूप मे भारतीय कदन्न फसल अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद के निदेशक डा. वीए टोनापी तथा केन्द्रीय बारानी कृषि अनुसंधान संस्थान हैदराबाद के निदेशक डा. वीके सिंह द्वारा प्रतिभाग किया गया। विषेशज्ञों द्वारा चल रहे शोध परियोजनाओ तथा भविष्य की योजनओं को देखते हुए महत्वपूर्ण सुझाव साझा किये। कृषि विश्वविद्यालय के कृषि महाविद्यालय मे संचालित शोध परियोजनाओ की समीक्षा की गयी। जिसमे अनुसंधान परिषद के समक्ष कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता तथा सभी विभागाध्यक्षो द्वारा प्रस्तुतीकरण किया गया। शोध परियोजनाआें की प्रगति तथा कार्य योजनाओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए विशेषज्ञो द्वारा वर्षा जल संरक्षण, मृदा जीवांश प्रबंध, एकीकृत फसल प्रणाली, फसल विविधिकरण, पशुधन सुधार, चारा प्रबंधन, दलहन-तिलहन तथा कदन्न फसलो की उन्नत प्रजातियो के विकास तथा उच्चताप सहिष्णु फसल प्रजातियो के विकास पर बल दिया गया। कार्यक्रम में डा. अखिलेश मिश्रा निदेशक शोध द्वारा बुन्देलखण्ड की भौगोलिक, आर्थिक-सामाजिक व कृषि-जलवायु स्थिति शोध आवश्यकताओं तथा विश्वविद्याल में संचालित शोध एवं बीज उत्पादन कार्यक्रम पर प्रस्तुतीकरण दी गई। शोध व शैक्षणिक गतिविधियों को गति प्रदान करने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा भारतीय कदन्न फसल अनुसंधान संस्थान हैदराबाद के साथु एक एमओयू पर हस्ताक्षर भी किया गया। इस कार्यक्रम में निदेशक प्रसार डा. एनके बाजपेयी, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय डा. जीएस पंवार, अधिष्ठाता उद्यान महाविद्यालय डा. एसवी द्विवेदी, अधिष्ठाता वानिकी महाविद्यालय डा. संजीव कुमार, विश्वविद्यालय के निदेशक गण अधिकरी गण व प्रध्यापक तथा प्रभारी मीडिया डा. बीके गुप्ता आदि उपस्थित रहे। 


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