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Saturday, April 16, 2022

श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से होता है पापो का नाशः देवकीनंदन शर्मा

गौराबाबा धाम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा

अतर्रा/बांदा, के एस दुबे । गुरु शिष्य का संबंध परमात्मा से जोड़ता है वह जीव और परमात्मा के बीच सेतु का कार्य करता है। श्रीमद् भागवत के श्रवण मात्र से जीव कितना भी पापी हो सारे पापों का नाश हो जाता है उक्त बातें कस्बे के गौरव बाबा धाम में आयोजित आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिन व्यास स्वामी देवकीनंदन शर्मा ने कही। धूमधाम से बैंड बाजा हुआ डीजे के साथ निकली कलश यात्रा।


कस्बे के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल गौरा बाबा धाम में श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराने आए वृंदावन के अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास स्वामी देवकीनंदन शर्मा ने शुक्रवार को श्रीमद् भागवत कथा के कलश यात्रा के बाद श्रीमद्भागवत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्री शर्मा ने कहा कि श्रीमद् भागवत का महत्व इतना है कि ब्रह्मा जी नेसंपूर्ण शास्त्रों को एक पलड़े में वह श्रीमद्भागवत को एक पलड़े में जब रखा तो श्रीमद्भागवत के सामने संपूर्ण शास्त्र हल्के पड़ गए उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत हमें मरने की कला सिखाती है और मृत्यु के शोक वह जीव के संताप का हरण करती है। उन्होंनेकहा कि जिस समय राजा परीक्षित को श्राप हो गया और श्रीमद्भागवत परीक्षित जी को सुखदेव जी सुनाने लगे उस समय देवताओं ने कहा कि अमृत राजा परीक्षित को पिला दीजिए और श्रीमद् भागवत कथा का हम रसपान करना चाहते हैं उन्होंने आत्म देव के कथा के माध्यम से श्रीमद् भागवत के महत्त्व वह प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जिस समय धुंधकारी प्रेत योनि को चला गया उस समय गोकर्ण महाराज ने श्रीमद् भागवत कथा सुना कर प्रेत योनि से अधिकारी को मुक्ति दिलाई वह सातवें दिन उसके लिए वैकुंठ से विमान आया। श्री शर्मा ने कहा कि श्रीमद्भागवत के श्रवण मात्र से जन्म जन्मांतर के जीव के पाप नष्ट हो जाते हैं यह मोक्षदायिनी हैं साथ ही उन्होंने माता पिता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे माता-पिता हमको दुनिया में लाने वाले हमारे भगवान हैं हम माता पिता का अगर सम्मान नहीं करेंगे तो हम ईश्वर का सम्मान नहीं कर सकते उन्होंने भक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवन में अगर परमात्मा, ईश्वर से कुछ मांगना है तो भक्ति  मांगिए उन्होंने कहा कि जिस समय भक्ति वृंदावन में अपने दो वृद्ध पुत्र ज्ञान और वैराग्य के साथ पड़ी हुई थी और नारद जी से अपने पुत्रों को जवान करने का मार्ग पूछा तो उन्होंने श्रीमद् भागवत कथा के रसपान से उन्हें युवा अवस्था प्रदान की श्री शर्मा ने भगवान श्री कृष्ण का मयूर नृत्य वृंदावन के कलाकारों के माध्यम से प्रस्तुत कर श्रोताओं  का मन मुग्ध कर दिया। आयोजक ओम प्रकाश, संतोष जायसवाल व व्यापार मंडल अध्यक्ष अवधेश गुप्ता सहित सैकड़ों लोगों ने कथा का रसपान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।


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