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Wednesday, April 13, 2022

जनसुविधाओं के लिए विधायक चिंतित, डीएम को पत्र लिखा

महिला खिलाड़ियों के लिए महिला कोच रखे जाएं, स्टेडियम की दशा सुधारने पर जोर  

बांदा, के एस दुबे । सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने नौनिहालों की सुरक्षा के प्रति जागरूक हो प्रशासन को जरूरी कदम उठाने को कहा है। वहीं दूसरी ओर शहर के खिलाड़ियों और सुबह शाम जिला स्टेडियम जाने वाले आम लोगो को हो रही दैनिक परेशानियों पर 13 सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी अनुराग पटेल को लिखकर कहा है कि वर्तमान में स्टेडियम की रोड, बालीबाल कोर्ट, कबड्डी, जिम, मार्निंग वाक ट्रैक की हालत खस्ताहाल है। इससे प्रतिदिन स्टेडियम आने वाले बुद्धिजीवी, वरिष्ठ पत्रकार, अधिवक्ता, डाक्टर और खेल प्रेमियों को असुविधा हो रही है। सुबह शाम रोड के खराब होने और रोशनी का उचित प्रबंध न होने के कारण इस रोड में अराजकतत्वों का भी जमावड़ा लगा रहता है।

सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी

विधायक श्री द्विवेदी ने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में कहा है कि जिला स्टेडियम में बंद स्विमिंग पूल को चालू कराया जाए। साथ ही लड़कियों को सिखाने के लिए महिला कोच की भी तैनाती की जाए। इसके अलावा कबड्डी, बैडमिंटन, हॉकी, बालीबाल के लिए जो लड़कियां रुचि रखती हैं, उन्हें भी महिला कोच के माध्यम से सुरक्षित माहौल में प्रशिक्षित किया जाए। विधायक ने अपने पत्र की एक प्रति मुख्यमंत्री को और आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल को भेजते हुए ध्यान आकृष्ट कराया है कि बैडमिंटन की कोर्ट में अधूरे पड़े हुए काम को शीघ्र पूरा करने के लिए सक्षम अधिकारी को निर्देश जारी किए जाएं। विधायक श्री द्विवेदी ने प्रशासन को बताया है कि जिला स्टेडियम बांदा पूर्व के वर्षा में नगर पालिका परिषद द्वारा मूत्रालय खिलाड़ियों और सुबह-शाम टहलने वालो को होने वाली दैनिक सुविधा उपलब्ध कराने के  लिए बनवाया गया था। परंतु सफाईकर और केयर टेकर न रखे जाने से मूत्रालय बंद पड़ा है, जिसे तत्काल प्रभाव से चालू कराया जाए।

सदर विधायक ने यह भी कहा है कि बांदा स्टेडियम में वर्ष 2018 से लेकर मार्च 2022 तक जो भी निर्माण कार्य कराए गए है, और जो धनराशि खर्च हुई है,उसकी मानक, गुणवत्ता और उपयोगिता की जांच एक कमेटी गठित करके कराई जाए। देखा जाए कि वास्तव में जो शासकीय धन व्यय किया गया है वास्तव में उसका प्रयोग खिलाड़ियों के हित मे किया गया है अथवा नहीं। माननीय विधायक जी अपने पत्र में कहा कि निजी स्कूलों को भी चाहिए कि वे अपने विद्यालय में बच्चों के लिए रुचि के अनुसार इंडोर और आउट डोर कोर्ट मानक के अनुसार विकसित करे और स्पोर्ट्स टीचर की भर्ती अनिवार्य रूप से करते हुए बच्चो को खेल के रुचि पैदा कर उनमें एक नई ऊर्जा भरी जाए। 


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