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Saturday, April 16, 2022

प्रसूता की मौत पर जिला अस्पताल में हंगामा

मृतका के परिजनों की तहरीर पर स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक पर मामला दर्ज

आरोपी डाक्टर ने कहा-बेवजह बनाया जा रहा निशाना

विधानसभा में जिला अस्पताल की बदहाली का मुद्दा उठाएंगें सदर विधायक

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। जिला अस्पताल में लापरवाही के चलते प्रसव के दौरान प्रसूता महिला की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा काटा। यह जानकारी होने पर सीओ सिटी व शहर कोतवाल भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम को मर्चरी भेजा। मृतका के ससुर की तहरीर पर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कोतवाली में गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को हिरासत में लेकर पूंछतांछ शुरु कर दी है। चिकित्सक ने कोतवाली में पत्रकारों से बताया कि इस घटना के संबंध उन्हें कोई जानकारी नही थी। उन पर अराजकतत्वों ने हमला किया है। गाड़ी के शीशे तोड़ने का आरोप लगाया है। 

प्रसूता की मौत का ये मामला जिला अस्पताल में शुक्रवार की देर रात हुआ। बताया गया कि बलदाऊगंज मोहल्ले की रोशनी मिश्रा (24) पत्नी शुभांशु को बीते दो दिनों से प्रसव पीड़ा के चलते पेट दर्द हो रहा था। पति ने जिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. रफीक अंसारी को दिखाया था। जहां उन्होंने प्रसव में समय बताकर घर भेज दिया। शुक्रवार की देर शाम प्रसव पीड़ा बढ़ जाने से परिजन महिला को जिला अस्पताल लाये। जहा स्टाफ नर्स ने भर्ती कर लिया। परिजनों ने बताया कि देर रात लगभग दो बजे रोशनी ने बच्ची को जन्म दिया। कुछ देर बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। जिस पर परिजनों ने डा. रफीक अंसारी के आवास जाकर कई बार बुलाया, लेकिन वह नही आये। जब इसकी जानकारी सीएमएस डा. राजेश खरे को लगी तो आए और परिजनों के साथ डाक्टर के आवास पहुंचे। काफी देर तक न तो उनका फोन उठा और न ही दरवाजा खुला। इसी बीच महिला की अस्पताल में मौत हो गई। इस पर परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। अस्पताल में हंगामा शुरु हो गया। मौजूद नर्स व स्टाफ से मौजूद लोगों ने अभद्रता कर नारेबाजी शुरु कर दी। इसी बीच शनिवार की भोर में कुछ उजाला होने लगा तो डा. रफीक कार लेकर पहुंचे। यह देखते ही भीड़ ने उन्हें घेर लिया और तोडफोड करने लगे। मौके पर सीओ शीतला प्रसाद पांडेय व कोतवाल राजीव कुमार सिंह समेत भारी फोर्स पहुंच चुकी थी। किसी तरह पुलिस ने डाक्टर को बचाकर सुरक्षित स्थान पहुंचाया। परिजनों ने डाक्टर व स्टाफ पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। हालात बेहद नाजुक होते देख मृतका के ससुर की तहरीर पर आरोपी डाक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें पुलिस कोतवाली लेकर गई।

इसी बीच सदर विधायक अनिल प्रधान और सीएमओ डा. भूपेश द्विवेदी भी पहुंचे। पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद सदर विधायक ने जिला अस्पताल के हालात को खराब बताया। कहा कि इस मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा। इसके बाद आक्रोशित भीड का गुस्सा कुछ कम हुआ तो पुलिस सुरक्षा में शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया गया। सीएमएस डा. खरे ने कहा कि मामले में जांच के बाद पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजेंगे। वह खुद डाक्टर को लेने गए थे, लेकिन डाक्टर के न आने की घटना संवेदनशील है। उधर आरोपी डा. अंसारी ने बताया कि उन्हें बेवजह निशाना बनाया जा रहा है। खुद सीएमएस सर्जन हैं तो वह भी इस मामले में इलाज कर सकते थे। कहा कि उनकी तबियत खराब रहती है और उच्चाधिकारियों को लिखित दे चुके हैं कि वह रात की डयूटी नहीं करेंगे। वह दिन में 12 घंटे तक डयूटी करते हैं। दवा खाकर सोने और मोबाइल साइलेंट पर होने से वह यह नहीं सुन सके कि उन्हें कोई बाहर बुला रहा है।

जिला अस्पताल में हंगामा करते लोग।

कई बार डाक्टर को बुलाने पर नहीं आए और न ही मिला इलाज

चित्रकूट। कर्वी निवासी शुभांशू मिश्रा की 10 दिसंबर 2020 को लौडी छतरपुर मप्र की रोशनी मिश्रा से शादी हुई थी। महिला के पति ने बताया कि प्रसवकाल से उसका इलाज जिला अस्पताल में कराया गया। शुक्रवार की सुबह भी वह पत्नी को लेकर चेकअप कराने आया था तो चेकिंग के बाद उससे कहा गया कि अभी टाइम नहीं पूरा हुआ है बाद में आना। रात में बार बार डाक्टर को बुलाने गए, लेकिन वह नहीं आए। पत्नी की लगातार तबियत बिगडने पर भी इलाज नहीं हुआ। नवजात बालिका पूरी तरह स्वस्थ्य है। जिसे जिला अस्पताल के एसएनसीयू में रखा गया है। उन्होंने स्टाफ के साथ अभद्रता के आरोप को गलत बताया है।

मायका पक्ष ने ससुरालीजनों पर लगाए लापरवाही के आरोप

चित्रकूट। इसी मामले में मृतका के पिता लौडी निवासी रामप्रकाश तिवारी व अन्य परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। पुत्री रोशनी की मौत को लेकर व्यथित दिखे मायका पक्ष ने आरोप लगाए कि ससुरालीजनों को बार बार अच्छे अस्पताल में पुत्री का इलाज कराने को कहा जाता रहा, लेकिन ससुरालीजनों ने घोर लापरवाही की है।  जिससे उनकी बेटी की असमय मौत हो गई।

महिला चिकित्सक कई दिनों से डयूटी से हैं नदारद

चित्रकूट। जिला अस्पताल के जननी सुरक्षा योजना अंतर्गत जच्चा बच्चा अस्पताल में दो डाक्टरों की तैनाती है। जिसमें एक महिला डाक्टर की भी तैनाती है, लेकिन वह कई दिनों से नदारद हैं। इस मामले में अन्य डयूटीरत डा. रफीक अंसारी ने भी कहा कि सीएमओ व सीएमएस यह क्यों नहीं बताते कि आखिर तैनात चिकित्सक कहां गायब हैं। वह पहले ही कह चुके हैं कि रात की डयूटी उनकी नहीं है। रिकार्ड में भी उनकी डयूटी रात की नहीं है तो फिर उन पर यह आरोप क्यों लगाया जा रहा है।


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