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Saturday, April 9, 2022

होम्योपैथी : जटिल बीमारियों का जड़ से करती खात्मा

होम्योपैथी पद्धति के प्रति लोगों का बढ़ रहा रूझान

दो सालों में बढ़ी मरीजों की संख्या 

जनपद में मुख्यालय सहित 26 अस्पताल संचालित 

(विश्व होम्योपैथी दिवस (10 अप्रैल) पर विशेष)

बांदा, के एस दुबे । जनपद में होम्योपैथी इलाज के लिए वर्ष 2020 में 1.58 लाख रोगी पंजीकृत हुए थे। जबकि वर्ष 2021 में यह आंकड़ा बढ़कर 2.20 लाख हो गया। यह साबित करता है कि होम्योपैथी के प्रति विश्वास बढ़ा है। यह कहना है जिला होम्योपैथी अधिकारी डा. प्रमोद कुमार दुबे का। डा. दुबे विश्व होम्योपैथी दिवस के एक दिन पूर्व शनिवार को होम्योपैथी के बारे में जानकारी दे रहे थे।      

जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डा. पीके दुबे

जिला होम्योपैथी अधिकारी ने बताया कि होम्योपैथी के जनक जर्मनी निवासी डा. सीएफ हैनिमैन का जन्म 10 अप्रैल को हुआ था। उनकी याद में हर वर्ष विश्व होम्योपैथी दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का आयोजन हर साल होम्योपैथी को आगे ला जाने और भविष्य की चुनौतियों को समझने के लिए किया जाता है। उन्होंने बताया कि इलाज की पद्धति में होम्योपैथी काफी कारगार है। कई जटिल बीमारियों का इलाज इसके जरिए हो रहा है। होम्योपैथी के प्रति लोगों का रूझान बढ़ा है। होम्योपैथी से जहां कोई नुकसान नहीं होता है, वहीं कई बीमारियों को जड़ से इस पद्धति से मिटाया जा सकता है। यही कारण है कि पिछले दो सालों में इस पद्धति से इलाज कराने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। डा. प्रमोद बताते हैं कि होम्योपैथी की लोकप्रियता का कारण गंभीर रोगों में भी इसका कारगर होना है। टांसिल बढ़ना, नाक का मांस बढ़ना, गुर्दे और पित्ताशय की पथरी, पाइल्स, गदूद बढ़ना, छाती में गांठे होना आदि बीमारियां इस पद्धति से काफी जल्दी ठीक हो जाती हैं। चर्म रोग, जोड़ों के दर्द, कैंसर, पेट रोग और अपेंडिक्स में भी होम्योपैथी का प्रभाव बेजोड़ है।

डा. दुबे ने बताया कि जनपद में जिला अस्पताल सहित 26 होम्योपैथिक अस्पताल संचालित हैं। पिछले साल अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक 1.58 लाख मरीजों का इलाज हुआ। इसमें 79 हजार नए व 78 हजार पुरानी मरीज रहे। इसी तरह अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक 2.20 लाख मरीजों होम्योपैथी के जरिए अपना इलाज करवाया है। इसमें 1.25 नए व 94 हजार पुराने मरीज शामिल हैं। शहर के आजाद नगर के रहने वाले 32 वर्षीय खुर्शीद का कहना है कि उन्हें पिछले पांच सालों से पाइल्स की शिकायत थी। इसका बहुत इलाज करवाया। कुछ दिनों के आराम के बाद पुनः उन्हें दिक्कत होती थी। कानपुर में डाक्टर ने आपरेशन की सलाह दी। लेकिन उन्होंने होम्योपैथिक अस्पताल में आकर इलाज कराया। पिछले आठ महीनों से वह यहां इलाज ले रहे हैं। अब उन्होंने कोई दिक्कत नहीं है।


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