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Tuesday, April 19, 2022

भगवान राम के आदर्शों पर चलकर सफल बनायें जीवनः देवकीनंदन

गौराबाबा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का तीसरा दिन

अतर्रा/बांदा, के एस दुबे । भगवान राम का चरित्र अनुकरणीय है, वहीं श्रीकृष्ण का चरित्र मनुष्य के लिए दर्शन व चिंतन का विषय है। हमें भगवान राम के दिखाए हुए आदर्शों पर चलना चाहिए। वहीं भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का दर्शन करना चाहिए। श्रीमद् भागवत कथा  के सुनने मात्र से ही प्राणियों का कल्याण हो जाता है उक्त बातें


कस्बे के प्रसिद्ध तीर्थ  गौरा बाबा मन्दिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में वृंदावन धाम से पधारे ब्यास स्वामी डा. देवकी नंदन शर्मा  ने तीसरे दिन कहीं उन्होंने कहा कि  श्री कृष्ण का चरित्र हुआ लीला का दर्शन करना चाहिए और श्री राम का चरित् का अनुसरण करके मनुष्य को जीवन को आदर्श बनाना चाहिए। श्रीकृष्ण की कथा को निरंतर श्रवण करते रहना चाहिए क्योंकि निरंतर कृष्ण की लीलाओं का दर्शन करने से यह मन श्री कृष्ण के चरण कमल में लग जाता है। भगवान श्रीराम ने जिस चरित्र का पालन किया, जिस मर्यादा का पालन किया, उनके चरित्र का, उनके द्वारा बनाई हुई मर्यादा का पालन इस मनुष्य को निरंतर करते रहना चाहिए। भगवान भक्तों के कल्याण के लिए ही कभी राम रूप में प्रकट होते है तो कभी कृष्ण रूप में प्रकट होते हैं और पृथ्वी का भार उतार कर सुंदर लीला करके अपने दिव्य धाम को चले जाते हैं।

बावन अवतार का वर्णन करते हुए सोमवार को डा. देवकीनंदन शर्मा जी महाराज वृंदावन धाम ने बताया कि राजा बलि से तीन पग भूमि दान में मांगने का वचन लेकर भगवान वामन ने असुरों के आतंक से पृथ्वी को बचाया था। इसके बाद भगवान त्रेतायुग में श्रीराम के रुप में अवतरित हुए और संसार को रावण के त्रास से मुक्त किया। श्रीराम का जीवन अनुकरणीय है। हमें उनके जीवन से जीने का सही तरीका सीखना चाहिए।भगवान ने समय-समय पर लोगों की रक्षा के लिए इस पृथ्वी पर अवतार लिया है। इसके बाद द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण धरती पर स्वयं प्रगट हुए। भगवान के गोकुल पहुंचने पर सभी नंदबाबा को बधाई देते हुए गाने लगे- नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की कथा भगवान को जब भक्तों के ऊपर अपार कृपा करनी होती है, अपार दया करनी होती है, तब इस भूलोक पर प्रकट होकर सुंदर लीला करते हैं। भगवान के भक्त उस लीला का स्मरण करके, श्रवण करके पालन करके अपना कल्याण कर लेते हैं। कथा में बताते हुए श्री शर्मा ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा ऐसा साधन है, जिससे इंसान को अनंत काल से चले आ रहे जन्म और मृत्यु के काल चक्र से मुक्ति मिल जाती है। आजकल चारों तरफ अराजकता का भाव आ गया है क्योंकि आज लोग आधुनिकता के दौड़ में लगे हुए हैं। मनुष्य को ये समझना चाहिए कि आधुनिकता के साथ आध्यात्मिकता को भी साथ रखें और भगवान की कथा को श्रवण कर उसके बताए मार्ग पर चलें। कार्यक्रम के मुख्य यजमान सुदामा देवी,अनिल गुप्ता,राज गुप्ता,सुरेश जयसवाल युवा व्यापार मंडल के अध्यक्ष अवधेश गुप्ता सहित सैकड़ों लोगों ने कथा का रसपान कर पुण्य लाभ अर्जित किया वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा श्री कृष्ण राधा का मयूर नृत्य प्रस्तुत कर लोगों को मन मुक्त कर दिया।


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