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Tuesday, April 12, 2022

दीवारी, रासलीला, भजन, लोकगीत, नृत्य रहे आकर्षण का केन्द्र

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरी । राष्ट्रीय रामायण मेले के द्वितीय दिवस सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भरमार रहीं। अन्तरर्राष्ट्रीय ख्याती प्राप्त दिवारी नृत्य के लोक कलाकार रमेश पाल ने टीम के साथ ऐसे अद्भुत एवं लोक कला का प्रदर्शन किया जिसे देख दर्शक आश्चर्य चकित रह गये। बताया गया कि रमेश पाल ऐसे लोक कलाकार है जिन्हे राष्ट्रपति के द्वारा सम्मानित किये जाने के साथ ही अनेक पुरूस्कार मिले है। वृन्दावन की ख्यातिलब्ध मण्डली द्वारा नारद मोह लीला का मंचन किया गया। तत्पश्चात् भारतीय लोक जीवन की विविध संवेदनाओं को गायन के माध्यम से कलाकारों ने दर्शकों के समक्ष मनोहारी ढंग से प्रस्तुत किया। महोबा के लखन लाल ने साथियों के साथ बुदंलखण्ड की संस्कृति एवं परम्पराओं को लोक गीत, नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया जिसे दर्शकों ने तालियों की गड़गडाहट से उनका मनोबल बढाया। वहीं झांसी के रामाधीन आदि ने अपनी टीम के साथ भजन गाकर दर्शकों

रासलीला का मंचन करते कलाकार।

को भक्ति रस में डुबो दिया। लखनऊ के माँ भगवती लोक गायकों ने अपनी छटा बिखेरी। झांसी के रघुवीर सिंह यादव ने मनोहारी भजन गाए। भारत में ही नहीं अपितु दुनिया के कई देशों में भगवान श्री कृष्ण चेतना का प्रवाह स्वामी प्रभुपाद द्वारा अस्थापित अंतरराष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ चित्रकूट शाखा द्वारा भक्ति से परिपूर्ण हरि नामसंकिर्तन का प्रस्तुतिकरण लोक कला के माध्यम से दर्शकों का भावविभोर किया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय रामायण मेले के महामंत्री डा. करूणा शंकर द्विवेदी ने किया। आयोजन में राष्ट्रीय रामायण मेला के अध्यक्ष राजेश करवरिया व उनकी धर्मपत्नी नीलम करवरिया पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका परिषद चित्रकूटधाम कर्वी सहित प्रदुम्न कुमार दुबे उर्फ लालू भईया, राजेन्द्र मोहन त्रिपाठी, पूर्व प्रधानाचार्य शिवमंगल शास्त्री, आशीष पांडेय, मनोज मोहन गर्ग, मो. यूसुफ, प्रिन्स करवरिया, कलीमुद्दीन बेग, ज्ञानचन्द्र गुप्ता, मो. इम्तियाज, सतेन्द्र पांडेय, प्रमोद मिश्रा, मुकेश पांडेय, विकास रैकवार, दद्दू महाराज आदि का भरपूर सहयोग रहा।


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