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Friday, April 1, 2022

पूर्व विधायक के आवास पर विकास प्राधिकरण का नोटिस चस्पा

पिछली भाजपा सरकार में रहे विधायक, अब सपा में तो बढ़ी मुश्किल 

बांदा, के एस दुबे । समाजवादी पार्टी से विधानसभा का चुनाव लड़ने वाले भाजपा के पूर्व विधायक बृजेश प्रजापति पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। बिजलीखेड़ा स्थित आवास में विकास प्राधिकरण ने नोटिस चस्पा करते हुए सात अप्रैल तक उन्हें अपनी बात रखने का मौका दिया है। हालांकि विकास प्राधिकरण की इस कार्रवाई के बाद से राजनीतिक बू आने लगी है। वह पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के करीबी माने जाते हैं और उनके साथ ही राजनीति की छलांग लगाते हैं। वर्ष 2017 में बसपा छोड़कर वह अपने नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ भाजपा में शामिल हुए थे और बृजेश तिंदवारी से भाजपा के टिकट पर विधानसभा पहुंचे थे। हालांकि विधानसभा में भी उनका कार्यकाल खासा विवादों से भरा रहा और कई बार उन पर बालू खनन में हिस्सा मांगने और खनिज अधिकारी से मारपीट

पूर्व विधायक बृजेश प्रजापति का बिजली खेड़ा में बना आलीशान आवास

करने तक के आरोप लगे। लेकिन सत्ता के सिपाही होने के कारण उन पर लगे सभी आरोप ठंडे बस्ते में पड़े रहे। उन्होंने विधायक रहते हुए ही शहर के बिजली खेड़ा मोहल्ले में चार मंजिल वाला आलीशान भवन भी बनवाया और किसी भी अधिकारी की नजर तक इस भवन की वैधानिकता पर नहीं पड़ी। लेकिन अब जब बृजेश अपने नेता श्री मौर्य के साथ सपा में शामिल हुए और सपा के टिकट पर तिंदवारी विधानसभा से भाजपा के खिलाफ ताल ठोकते नजर आए तो अब उनके भवन पर विकास प्राधिकरण की नजरें टिक गई हैं। प्राधिकरण की ओर से उनके भवन पर नोटिस चस्पा करते हुए बाबा का बुलडोजर तक चलाने की चेतावनी दे डाली गई है। हालांकि मामले में प्राधिकरण ने उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए 7 अप्रैल की तारीख दी है। इधर, पूर्व विधायक बृजेश प्रजापति के भवन पर नोटिस चस्पा होने के मामले में सबसे बड़ा सवाल प्राधिकरण की कार्रवाई पर भी उठता है। जब इस भवन का निर्माण हो रहा था, तब प्राधिकरण के अधिकारी किसके दबाव पर इस ओर से अपनी आंखें मूंदे हुए थे। इस कार्रवाई से तो यही प्रतीत होता है कि सत्ताधारी दल में रहकर किसी को भी अनैतिक कार्य करने का लाइसेंस दे दिया जाता है और भाजपा से बाहर निकलते ही उस पर शिकंजा कसना शुरू हो जाता है। शहर में सैकड़ों की संख्या में बगैर मानचित्र पास कराए निर्माण चल रहे हैं, लेकिन प्राधिकरण की नजरें ऐसे अवैध निर्माणों पर भी नहीं पड़ रही हैं। या यूं कहें कि ऐसे तमाम निर्माण प्राधिकरण के रहमोकरम पर चल रहे हैं। पूरी कार्रवाई पर पूर्व विधायक बृजेश इसे बदले की कार्रवाई बता रहे हैं। कहा है कि सरकार की बौखलाहट का वह करारा जवाब देने को तैयार हैं। 


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