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Friday, April 22, 2022

धरती की सुरक्षा कवच का नतीजा हैं आपदाएं : फरजाना

पौधे लगाकर पृथ्वी को संरक्षित करने का लें संकल्प 

विश्व पृथ्वी दिवस पर गोयरा गांव में हुई गोष्ठी 

बांदा, के एस दुबे । हर पौधे की अपनी खासियत होती है। कोई फल देकर मानव जाति के लिए भोजन की व्यवस्था करता है तो कई पौधे औषधीय रूप में इंसान के काम आते हैं। इतना ही नहीं, हमारे लिए ऑक्सीजन का उत्सर्जन भी करते हैं। पौधों को हर हाल में संरक्षित रखना होगा। धरती की सुरक्षा कवच के साथ छेड़छाड़ का नतीजा ही है कि कहीं सूखा कहीं बाढ़ जैसी विपदा बनी हुई है। यब बातें जन शिक्षण संस्थान द्वारा विश्व पृथ्वी दिवस पर गोयरा मुगली गांव में गोष्ठी में अनुदेशक फरजाना खान ने कहीं। 


उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी में आक्सीजन की जरूरत लोगों को समझ में आई। बुंदेलखंड में लगातार खनन हो रहा है। इससे प्रकृति का संतुलन बिगड़ रहा है। धरती को सुंदर बनाने के लिए इसे हरा-भरा रखना होगा। इसके लिए पौधे लगाने होंगे। प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक नरगिस ने कहा कि गमलों में भी छोटे पौधे लगाएं। शहरों में पर्यावरण प्रदूषण के चलते शुद्ध हवा तक नहीं मिल पाती। कमरे, छज्जे या छत पर गमले में छोटे पौधे लगाकर अपने आसपास हरियाली को बढ़ावा दें। सजावट वाले छोटे पौधों को लगाने से घरों की सुंदरता के साथ पर्यावरण भी शुद्ध होता है। पेड़ों की कटाई से पर्यावरण असंतुलित हो रहा है। पर्यावरण को सुरक्षित व स्वच्छ रखने के लिए पौधारोपण करना होगा। 

संस्था की तरन्नुम खान ने कहा कि धरती हर वस्तु की अनंत स्त्रोत है, लेकिन उस अनंत स्त्रोत को बनाए रखने की ताकत सिर्फ पेड़ पौधों में है। इस मौके पर प्रधानाध्याक कृष्णकांती, शिक्षक अकरम, सदफ, शिवदास, कोटेदार फिरोज सहित गांव की सादमा, रूकइया, गुड़िया, नाजरीन, शबाना, रानी, अदीबा, गुलफ्शां इत्यादि मौजूद रहीं।


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