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Tuesday, April 26, 2022

नदियों और जलाशयों में न गिरने पाए गंदा पानी : जिलाधिकारी

गंगा सेना का गठन कर गंदे नाले, कचरा आदि को नदियों में न होने दिया जाए प्रवाहित 

सहायक निदेशक रेशम और पालीटेक्निक प्रधानाचार्य रहे गैरहाजिर, डीएम ने रोका वेतन 

बांदा, के एस दुबे । मंगलवार को जिलाधिकारी अनुराग पटेल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में गंगा समिति (गंगा एवं उसकी सहायक नदियों), जिला पर्यावरण समित और जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिलाधिकारी ने यमुना और केन नदी के किनारे बसे गांवों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए। ग्राम सभाओं में प्रधान के सहयोग से गंगा सेना का गठन कर नदियों में गंदगी प्रवाहित होने से रोकने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही जिला गंगा समिति के नोडल अधिकारी मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक

बैठक को संबोधित करते जिलाधिकारी अनुराग पटेल

माह जिला गंगा समिति की बैठकों का आयोजन कर समीक्षा की जाए और उसे पोर्टल में अपलोड किया जाए। गंगा-यमुना एवं जलाशयों में मिलने वाले अनटेप्ड ड्रेन्स जनपद में अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका दो नालों करिया नाला, निम्नी नाला का चिन्हांकन किया गया है। जिसमें इनकी लम्बाई चौडाई सम्बन्धी प्रांक्कलन भेजा गया है। यमुना, केन नदी एवं जलाशयों में गिरने वाले गंदे नालों को प्र्रदूषण मुक्त करने के लिए नगर पालिका, नगर निकाय को वित्त पोषण के लिए उपलब्ध कराया जाए। यमुना, केन जनपद में जिन ग्राम सभाओं के समीप से गुजरती है, उसके तट में बसे ग्रामों का चिन्हांकन करने के जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिये गये। बैठक में कहा गया कि सम्बन्धित ग्राम सभाओं में ग्राम प्रधान के सहयोग से गंगा सेना का गठन कर गन्दे नाले, औद्योगिक कचरा, मेडिकल अपशिष्ट आदि को जलाशयोंऔर नदियों में प्रवाहित होने से रोकने के लिए प्रभावी
मौजूद अधिकारीगण

नियंत्रण किया जाए। जनपद में गंगा की सहायक नदियों में मृत जीवों के शव को नदियों, जलाशयों में न डाला जाए। जिला गंगा समिति के मुख्य विकास अधिकारी नोडल अधिकारी द्वारा किसी पटल सहायक को नियुक्त करते हुए जिला गंगा समिति द्वारा एनएमसीजी पोर्टल के बारे में प्रशिक्षित किया जाए और प्रत्येक माह जिला गंगा समिति की बैठकें आयोजित कर उसका कार्यवृत्त प्रत्येक माह पोर्टल में अपलोड अवश्य किया जाए।बैठक में जिलाधिकारी श्री पटेल ने वर्ष 2022-23 में जनपद में अधिक से अधिक वृक्षारोपण के लिए लक्ष्यों का निर्धारण किया। विभागवार लक्ष्यों के निर्धारण में वन विभाग 1246014, पर्यावरण विभाग 138446, ग्राम्य विकास विभाग 2185680, राजस्व विभाग 247800, पंचायती राज विभाग 247800, पुलिस विभाग 16520, आवास विकास 16520, औद्योगिक विकास 11200, उद्योग विभाग 199460, नगर विकास 44380, लोक निर्माण 29400, जल शक्ति विभाग 29400, रेशम विभाग 86650 सहित इत्यादि विभागों को निर्देशित किया कि आगामी 10 मई तक स्थल का चिन्हांकन कर गड्ढे के खुदान का कार्य एवं स्थल वार वृक्षारोपण एक्शन प्लान 31 मई तक पूर्ण कर लिया जाए। पौधों का रोपण 1 जुलाई से 7 जुलाई के मध्य शत-प्रतिशत वन महोत्सव के रूप में किया जायेगा। बैठक में राष्ट्रीय वृक्ष बरगद, अशोक, पीपल, पाकड, गूलर, सीता-अशोक, नीम, आम, हरण, बहेडा, बेल, महुआ, सहजन, ऑवला, जामुन, चिरौंजी, शीशम, अर्जुन, कुसुम आदि वृक्षों को रोपित किये जाने के निर्देश दिये गये। जिलाधिकारी ने बैठक में अमृत महोत्सव उद्यान लगाये जाने पर जोर देते हुए कहा कि अमृत महोत्सव उद्यान की स्थापना महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों, सामुदायिक भूमि, राजकीय भूमि, सरकारी, अर्धसरकारी भवनों के परिसर में कराया जाए। विगत वर्ष की भांति 2022-23 में प्रदेश लक्ष्य 35.00 करोड़ पौधों का रोपण उसी क्रम में जनपद बांदा का लक्ष्य 5195454 है। बैठक में अनुपस्थित सहायक निदेशक रेशम एवं प्रधानाचार्य राजकीय पॉलीटेक्निक बांदा का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया। बैठक में अपर जिलाधिकारी उमाकान्त त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी वेदप्रकाश मौर्य, नगर मजिस्ट्रेट केशवनाथ गुप्त, जिला विकास अधिकारी रवि किशोर त्रिवेदी, डीसी मनरेगा राघवेन्द्र तिवारी, प्रभागीय वनाधिकारी संजय अग्रवाल सम्बन्धित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। 


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