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Monday, April 25, 2022

आउटरीच हेल्थ कैंप में 77 मरीजों को मिला इलाज

चिकित्सक ने मौसमी बीमारियों से बचने के लिए दिए टिप्स 

मलिन बस्ती में लगा आउटरीच हेल्थ कैंप 

बांदा, के एस दुबे । शहर वासियों को उनके घर के पास ही निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की मुहिम जारी है। सोमवार को नगरी प्राथमिक स्वास्थ्य छाबी तालाब द्वारा क्योटरा पहाड़ कटरा में विशेष आउटरीच हेल्थ कैंप आयोजित हुआ। इसमें 73 रोगियों की जांच के बाद उन्हें दवा दी गई। शिविर में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी किया गया।

कैंप में मरीजों का उपचार करते चिकित्सक

शिविर की शुरुआत करते हुए नगर पालिका वार्ड सदस्य नीरज त्रिपाठी ने कहा कि स्वस्थ शरीर से ही स्वस्थ समाज की परिकल्पना की जा सकती है। ऐसे शिविरों से शहरी क्षेत्र में वंचित समुदायों तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना बेहतर प्रयास है। चिकित्सक डा. श्रुति सक्सेना ने कहा कि मौसम में परिवर्तन के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। जरूरत न हो तो घर के बाहर न निकलें। लू व धूप से पूरी तरह से बचने की कोशिश करें। उन्होंने मरीजों की जांच कर दवाईं दीं। साथ ही कोविड सहित अन्य बीमारियों से बचाव के लिए अपने सुझाव दिए। 

अर्बन हेल्थ कोऑर्डिनेटर प्रेमचंद्र पाल ने कहा कि शहरी मलिन बस्तियों में निवास करने वाली जनसंख्या को निःशुल्क गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मलिन बस्तियों में या उनके नजदीक नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा विशेष आउटरीच कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं। शिविर में 73 लोगों का इलाज हुआ। 18 की शुगर जांच, 11 का हीमोग्लोबिन, 27 की बीपी की जांच की गई। 70 को आयरन की टेबलेट, 15 को ओआरएस के पैकेट बांट गए। 18 दांत मरीजों की भी जांच व उपचार हुआ। 10 मरीजों की समस्या गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस मौके पर फार्मेसिस्ट अभय प्रताप सिंह, लैब टेक्नीशियन रितेश कुमार, एएनएम कालिंदी मिश्रा, आशा कार्यकर्ता रेनू व पुष्पा, भगवानबाबू शामिल रहीं। इधर, स्वास्थ्य कैंप में आई 30 वर्षीय गुडिया देवी ने बताया कि उसे कई दिनों से आंखों में दिक्कत थी। तेज गर्मी व धूप की वजह से अस्पताल जाने की हिम्मत नहीं पड़ रही थी। सूचना मिली की मोहल्ले में शिविर लगा है तो चले आए। यहां जांच हुई और दवा भी दी गई है। इसी मोहल्ल की 35 वर्षीय माला ने कहा कि उन्हें पेट में दर्द था। त्वचा रोग से भी परेशानी थी। घर में कुछ समस्याओं के चलते अस्पताल भी नहीं जा पा रही थी। कैंप की जानकारी मिली तो चली आई। यहां डाक्टर ने जांच के बाद जल्द ठीक होने का आश्वासन दिया है। दवा भी दी है। ऐसे शिविर लगते रहने चाहिए। 


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