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Saturday, April 30, 2022

यूरो सर्जन ने गुर्दे से निकाली 45 एमएम की पथरी

सना खान नामक महिला के लिए भगवान से कम नहीं डा. सोमेश 

रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज में तैनात है यूरो सर्जन 

बांदा, के एस दुबे । नरैनी रोड स्थित मेडिकल कालेज में यूरो सर्जन डा. सोमेश त्रिपाठी ने एक महिला के गुर्दे से 45 एमएम की पथरी आपरेशन के द्वारा निकाली। उनके इस आपरेशन की चहुंओर प्रशंसा हो रही है। महिला पूरी तरह से स्वस्थ है। 

यूरो सर्जन डा. सोमेश त्रिपाठी

गौरतलब हो कि शहर के निम्नीपार कांशीराम कालोनी निवासी सना खान (24) पत्नी शाहरुख खान के गुर्दे में 2015 में पथरी हो गई थी। सना खान का पति शाहरुख राजस्थान के कोटा में रहकर मजदूरी का काम करता है। वह पिछले कई वर्षों से अलग-अलग चिकित्सकों से इलाज करा रहा था। चिकित्सक उसे दवा देकर पथरी गलाने और निकालने की बात कर रहे थे। इस प्रक्रिया में कई वर्ष गुजर गए और मजदूर शाहरुख के लाखों रुपए बर्बाद हो गए। आखिरकार शाहरुख को किसी ने बांदा मेडिकल कालेज में यूरोलाजिस्ट डा. सोमेश त्रिपाठी के बारे में बताया। शाहरुख अपनी पत्नी सना को लेकर डा. सोमेश त्रिपाठी से मिले। डा. त्रिपाठी ने जांच कराने के बाद पाया कि सना की किडनी में लगभग 45 से 50 एमएम की पथरी मौजूद है। बहरहाल डा. त्रिपाठी ने बड़ी ही होशियारी के साथ सना खान का गुरुवार को सफल आपरेशन किया और उसके गुर्दे से 45 एमएम की पथरी निकालकर बाहर रख
सफल आपरेशन के बार मरीज का हाल जानते यूरो सर्जन डा. सोमेश त्रिपाठी

दी। इस आपरेशन टीम में डा. सोमेश त्रिपाठी यूरो सर्जन, डा. प्रिया दीक्षित एनस्थीसिया, डा. सुशील पटेल एनेस्थीसिया, सुषमा ओटी स्टाफ नर्स, शिवम ओटी टेक्नीशियन, आशीष और रामविजय वार्ड ब्वाय शामिल रहे। सना खान के पति शाहरुख ने खुले कंठ से डा. सोमेश त्रिपाठी की सराहना की। उसने बताया कि मेरी पत्नी पिछले कई वर्षों से पथरी की तकलीफ से पीड़ित थी। उसके इलाज में रुपए के साथ-साथ समय भी बर्बाद हो रहा था। डा. सोमेश त्रिपाठी हमारे लिए भगवान साबित हुए। डा. त्रिपाठी ने कहा कि सुपर स्पेशलिस्ट बनने के बाद मैने तय किया कि मै अपने जनपद के लोगों को चिकित्सीय लाभ पहुंचाऊं। इसलिए मै महानगरों में नौकरी न करके अपने शहर आ गया। इसके अलावा डा. सोमेश त्रिपाठी ने अपने बारे में बताया कि वह यूरोलाजिस्ट हैं। उनकी विशेषता यह है कि वह मूत्र बनने और मूत्र ट्रांसपोर्ट होने वाले जितने भी आर्गन हैं, उस सबके वह सुपर स्पेशलिस्ट हैं। अभी तक यह विशेषता महानगरों तक ही सीमित थी, लेकिन अब बांदा जनपद में भी लोगों को इसका लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि लोग अपनी बीमारियों को लेकर नीम हकीमों के चक्कर में न पड़ें, यह घातक हो सकता है। डा. सोमेश त्रिपाठी यूरो सर्जन ने कहा कि अनियमित खानपान और शरीर में पानी की कमी की वजह से भी पथरी बनती है। बुंदेलखंड में इस वक्त 44 और 43 का जो तापमान है और लोग कम पानी पीते हैं, उससे भी पथरी की संभावना बढ़ जाती है। पानी की मात्रा को पूरी करने के लिए तीन लीटर पानी पीना जरूरी है, अगर नीबू पानी मिल जाए तो बहुत अच्छी बात। इसके साथ ही हाईप्रोटीन फूड से परहेज रखना है। थोड़ी सावधानी से पथरी की समस्या से बचा जा सकता है। यूरो सर्जन डा. सोमेश त्रिपाठी ने कहा कि पेशाब बनने या पेशाब ट्रांसपोर्ट होने वाले किसी भी आर्गन से संबंधित बीमारी होने पर किसी झोलाछाप डाक्टर के चक्कर में न पड़े। समय से यूरो सर्जन से संपर्क करके समय रहते उपचार कराएं। ताकि बड़ी समस्याओं से बचा जा सके। अगर लापरवाही हुई तो फिर दिक्कतों से कोई नहीं बचा सकता। कहा कि कभी-कभी किडनी के अंदर पड़ी पथरी बढ़ जाती है, जिससे पेशाब बनाने वाली ग्रंथियां डैमेज हो जाती हैं और किडनी में इन्फेक्शन शुरू हो जाता है, जो किडनी को फेल भी कर सकता है। इस तरह की लापरवाही मरीज को मौत के मुंह तक ले जाती है। 


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