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Saturday, March 5, 2022

रक्तदान से कम होती है हृदयाघात की संभावना’

जीटीडीसी में शैक्षिक रक्तदान शिविर में 10 यूनिट रक्त संग्रह

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। गोस्वामी तुलसीदास राजकीय स्नात्कोत्तर महाविद्यालय में शैक्षिक रक्तदान शिविर का आयोजन प्राचार्य की अध्यक्षता व रक्त कोष प्रभारी जिला चिकित्सालय की देखरेख में हुआ। शिविर में 132 रक्तदाताओं ने पंजीकरण कराया। इस दौरान 10 यूनिट रक्त संग्रह किया गया है।

रक्तदान करती छात्रा।

शनिवार को राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डा राजेश कुमार पाल की अध्यक्षता में शैक्षिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्त कोष प्रभारी डा शैलेन्द्र कुमार, ने रक्तदान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि रक्तदान करने से कोई कमी नहीं आती। जैसे ही रक्त देते हैं उसकी पूर्ति तुरंत हो जाती है। लोगों को रक्तदान के प्रेरित करना चाहिए। जिससे जरूरतमंदों की जान बचाई जा सके। अभी भी समाज में ऐसी भ्रांतियां है कि रक्तदान से कमजोरी आती है। जबकि ऐसा नहीं है। 18 से 60 वर्ष की उम्र तक महिला या पुरुष रक्तदान कर सकता है। इससे रक्त और तेजी से बनता है। साथ ही हृदयाघात की संभावनाओं में कमी आती है। प्रत्येक स्वास्थ्य व्यक्ति तीन माह के अंतराल में रक्तदान कर सकता है। शिविर में रक्तदाता असिस्टेंट प्रो वंशगोपाल, प्रो अमित कुमार सिंह, अतिथि पटेल, देवनाथ सिंह, आस्था अग्रवाल, रुचि, रचित जायसवाल, हिमांशू सिंह, प्रीती, मो नसीम ने रक्तदान किया है। इस मौके पर अजय सिंह, शंकरदीन, प्रमेन्द्र सिंह, विशाल कुमार आदि मौजूद रहे। 


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