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Wednesday, March 2, 2022

ऊर्जावान विश्वविद्यालय है, साथ मिल जाएंगे तो होगा विकास : महाजन

कृषि विवि के 12वें स्थापना सप्ताह उद्घाटन कार्यक्रम का हुआ आयोजन 

नाना जी देशमुख के संकल्प को साथ मिलकर पूरा करने का आवाहन   

बांदा, के एस दुबे । दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट के संगठन सचिव और कृषि विश्वविद्यालय बांदा के प्रबंध परिषद के सदस्य अभय महाजन ने कृषि विश्वविद्यालय के 12वें स्थापना सप्ताह के उद्घाटन दौरान बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कहा कि भारत रत्न नानाजी देशमुख ने बुन्देलखण्ड के विकास का सपना देखा था। जिसे हकीकत मे बदलने के लिये उन्होने 75 वर्ष की उम्र मे सफल प्रयास किया। इससे विकास के कई द्वार खुले। उन्होंने बुन्देलखण्ड की परिस्थितियो को बदलने, गरीबी दूर करने, सबको शिक्षित करने, स्वरोजगारी बनाने एवं स्वाभिमान

सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करती छात्राएं

से जीने के लिये लोगो को प्रेरित किया। कृषि की दशा और दिशा बदलने हेतु उन्होने चित्रकूट एवं सतना जिले मे दो कृषि विज्ञान केन्द्रो की स्थापना भी की। कृषि विश्वविद्यालय बांदा स्थापना वर्ष से ही कृषि के क्षेत्र मे शिक्षा शोध एवं प्रसार गतिविधियो को आगे बढ़ा रहा है। श्री नानाजी के संकल्प को पूरा करने के लिए उनके द्वारा स्थापित संस्थानो के द्वारा दिन रात प्रयास किया जा रहा है, इस प्रयास मे हम कृषि विश्वविद्यालय बांदा का भी सहयोग और सामंजस्य चाहते हैं। हम साथ मिलकर यहां की कृषि एवं बुन्देलखण्ड के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है। 

कृषि विश्वविद्यालय का 12वां स्थापन सप्ताह उद्यान महाविद्यालय के सभागार मे मनाया जा रहा है। स्थापना सप्ताह का उदघाटन कुलपति प्रो. नरेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुआ। विशिष्ट अतिथि के रूप मे बोलते हुए भारतीय चारागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान झांसी के निदेशक डा. अमरेश चंद्रा ने कहा कि यह दोनो संस्थान कृषको के

मौजूद अतिथि व अन्य

लिये कार्य कर रहे हैं। हम दोनो संस्थान मिलकर बुन्देलखण्ड के किसानो की मुख्य समस्या अन्नाप्रथा को खत्म करने का साझा प्रयास करेगे। विश्वविद्यालय के प्रबंध परिषद की सदस्या एवं कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि ममता मिश्रा ने कहा कि छात्राओं की उपस्थिती एवं कार्यक्रम मे बढ चढ कर प्रतिभाग करना महिला सशक्तिकरण का एक अच्छा उदाहरण है। आज का दिन इस पूरे परिवार के लिये सुखमय भरा है। इसकी स्थापना की वजह से ही आज हम सभी एक मंच पर एकत्रित हो सके है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा कि इस विश्वविद्यालय की नीव रखने वाले तथा यहां तक पहुंचाने वाले सभी कुलपतियो ने भरपूर प्रयास किया है। आज विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति डा. मिल्खा सिंह औलख, दूसरे कुलपति डा. एसएल गोस्वामी और पूर्व कुलपति डा. यूएस गौतम ने प्रयास कर इसे पहचान दिलाई है। कुलपति ने कहा कि बुन्देलखण्ड की मुख्य समस्याओ मे अन्ना प्रथा प्रमुख समस्या है। हम गौ को माता कहते है परन्तु उन्हे उनके हाल पर छोड़ देते हैं। इस समस्या से विश्वविद्यालय भी अछुता नही है। भारतीय चारागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान झांसी के साथ मिल कर हम कुछ तकनीकी विकसित कर इस समस्या से छुटकारा पाने की कोशिश करेंगे। छात्रो से उन्होने कहा कि सपने देखना जरूरी है। विश्वविद्यालय मे कुछ सुविधाओ का अभाव है परन्तु अपने सपनो को पूरा करने के लिये सार्थक प्रयास भी आपको ही करना है। कार्यक्रम के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। विवि कुलसचिव डा. एसके सिंह ने सभी अतिथियो का स्वागत एवं स्थापना दिवस के बारे मे बताया। 


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