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Thursday, March 24, 2022

सब्जी उत्पादन से पूरे वर्ष आय संभव : डा. एसवी द्विवेदी

आधुनिक तकनीक और ज्ञान का इस्तेमाल करना होगा 

तीन दिवसीय प्रशिक्षण पर दी गई जानकारियां  

बांदा, के एस दुबे । सब्जी एवं सब्जी फसलों का बीजोत्पादन हमेशा फायदेमन्द होता है। आधुनिक तकनीक एवं ज्ञान से सब्जी उत्पादन कर हम वर्ष भर आय का श्रोत बना सकते हैं। सब्जी फसल की मांग हर परिवार को प्रतिदिन वर्ष भर रहती है। प्रशिक्षण के माध्यम से आद्युनिक तकनीकि के साथ-साथ बाजार, बाजार मांग, मूल्य एवं उपभोक्ता के रूचिनुसार सब्जी का उत्पादन आसान व फायदेमंद हो जाता है। सब्जियों में बिना कारण अथवा जानकारी के रासायनिक दवाओं का प्रयोग नहीं करना चाहिए। कृषि विष्वविद्यालय, बांदा सब्जी, फल, फसल, चारा एवं पषुपालन संबंधित विषयों पर आधुनिक ज्ञान-विज्ञान को वैज्ञानिकों द्वारा विश्वविद्यालय परिसर एवं ग्रामिण क्षेत्रों में

प्रशिक्षण में मौजूद अतिथि व किसान

जाकर जारूरतमंदों को प्रसारित करता है। यह वक्तव्य कृषि विश्वविद्यालय बांदा के उद्यान महाविद्यालय के अधिष्ठाता, डा. एसवी द्विवेदी ने अनुसूचित जाति के कृषकों को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली द्वारा संचालित एससी-एसपी योजनार्न्तगत तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर दिया।

बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय उद्यान महाविद्यालय के सब्जी विज्ञान विभाग द्वारा सब्जियों का व्यवसायिक बीज एवं पौध उत्पादन विषयक प्रषिक्षण कार्यक्रम अनुसूचित जाति के कृषकों को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली द्वारा संचालित एससी-एसपी योजनार्न्तगत तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 22 से 24 मार्च तक सब्जी विज्ञान विभाग मे आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अधिष्ठाता, उद्यान डा. एसवी द्विवेदी की अध्यक्षता में किया गया। सब्जी विज्ञान के विभागाध्यक्ष एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक डा. राजेश कुमार सिंह ने कृषकों को बुन्देलखंड में सब्जियों की अपार सम्भावनाएं के विषय

किसानों को उपकरण वितिरित करते हुए

में जागरूक किया। अगेती सब्जियों की खेती कर अधिक मुनाफे की ओर कृषकों को प्रेरित किया। डा. सिंह ने यह भी बताया कि सब्जी ही एक ऐसी फसल है, जिससे वर्ष भर आमदनी की जा सकती है। साथ ही बुन्देलखंड के अन्नदाताओं को प्रोत्साहित किया कि वह सब्जियों की पौध व बीजों को उत्पादन करें। डा. सिंह ने बाताया कि कुल 30 प्रशिक्षणार्थी अलग-अलग ग्रामों से प्रतिभाग किये। प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी को छिड़काव मशीन, हजार, फावड़ा, खुरपी, सब्जियों के बीज एवं प्रशिक्षण किट दिये गये। डा. अजीत सिंह, प्राध्यापक सब्जी विज्ञान ने गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन के संबंध में विस्तार से चर्चा की। साथ ही कार्यक्रम में आए हुए सभी संकायों के विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, कृषक भाई एवं बहनों का स्वागत किया। कार्यक्रम के संयोजक एवं सहायक प्राध्यापक डा. सुनील कुमार ने कृषकों को सब्जी बाजार, उच्चगुणवत्ता युक्त बीज तथा नर्सरी एवं बीजोत्पादन के तकनीकि को बताया। कार्यक्रम में डा. अखिलेश कुमार श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष फल विज्ञान विभाग, डा. अखिलेश कुमार सिंह विभागाध्यक्ष पादप सुरक्षा विज्ञान विभाग, डा. विशाल चुग, विभागाध्यक्ष मौलिक एवं सामाजिक विज्ञान विभाग, डा. श्वेता सोनी, सहायक प्राध्यापक, डा. मनीष कुमार सिंह, सहायक प्राध्यापक सब्जी विज्ञान, डा. सुनील कुमार, सहायक प्राध्यापक पादप सुरक्षा विज्ञान, एवं बांदा जिला के विभिन्न ग्रामों से आये कृषक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डा. नीतू, सहायक प्रध्यापक, सब्जी विज्ञान विभाग ने किया। 


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