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Tuesday, March 15, 2022

मंहगाई की मार फीका पड़ रहा रंगों का त्योहार

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। होली का त्योहार नजदीक आ रहा है। व्यापारियों की दुकानें सजने लगी हैं, लेकिन महंगाई की मार के चलते खरीददारों का टोटा रहता है। रंग के त्योहार में पिचकारी, गुलाल, अबीर, रंग में भी महंगाई का असर है। मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं। खोआ बाजार में खुले आम मिलावटी खोआ बिक रहा है। खाद्य विभाग बेखबर हैं।

सजी दुकाने।

कस्बे के किराना व फुटकर दुकानदार रंग अबीर की दुकानें सुबह से ही सजाने में जुट जाते हैं। जबकि खरीददार दुबके नजर आते हैं। पिचकारी व्यवसायी अतहर नईम, अरविन्द जायसवाल ने बताया कि पिछले वर्ष कोरोना महामारी होने के बावजूद पिचकारियों, रंग, अबीरों में इतनी बड़ी महंगाई नहीं आई थी, लेकिन इस साल होली के त्योहारों में उपयोग होने वाली सामग्री में महंगाई की मार दिखाई पड़ रही है। जिससे बाजार में खरीददारों का टोटा है। व्यापारियों को आशा थी कि अच्छी बिक्री होगी, लेकिन महंगाई का संकट व्यवसायी झेल रहे हैं। कस्बे के किराना व्यापारी उमाशंकर केशरवानी ने बताया कि डालडा, रिफाइंड, सरसों का तेल, मैदे के दामों में बेतहाशा वृद्धि आई है। पिछले वर्ष कोरोना के रहते हुए भी तेजी नहीं आई थी। बताया कि 20 दिन पूर्व 15 लीटर डालडा व रिफाइंड की कीमत लगभग 18 सौ रुपये थी, लेकिन अब 2650 रुपए में बिक रहा है। साथ ही बताया कि सूखे मेवा, चीनी व अन्य सामानों की कीमतें सामान्य हैं। जबकि मैदा में थोड़ा इजाफा हुआ है। 


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