चलते रहने का नाम ही जिन्दगी : शिल्पा रायजादा - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Wednesday, March 9, 2022

चलते रहने का नाम ही जिन्दगी : शिल्पा रायजादा

बुआ के घर आईं टीवी अदाकारा ने मीडिया से की बात 

नामचीन सीरियलों में कर चुकी हैं अभिनय  

बांदा, के एस दुबे । सफलता के लिए जीवन भर काम करने और कड़ी मेहनत की जरूरत होती है। चलते रहने का नाम ही जिन्दगी है। अगर किसी पड़ाव पर ठहर गए तो सफलता कोसों दूर हो जाती है, इसलिए लगातार प्रयास करना बहुत ही आवश्यक है। मैने अपने आत्मविश्वास के बलबूते अभिनय के क्षेत्र में कदम बढ़ाए हैं। यह बात शहर अपने बुआ के घर आईं टीवी अदाकारा शिल्पा रायजादा ने बुधवार को स्वराज कालोनी गली नंबर पांच में मीडिया से रूबरू होते हुए कहीं। उन्होंने अभिनय क्षेत्र से संबंधित अनुभव भी साझा किए। 

मीडिया से बात करतीं टेलीविजन अभिनेत्री शिल्पा रायजादा

स्वराज कालोनी गली नंबर 5 में अपनी बुआ और कथक नृत्य गुरु श्रद्धा निगम के घर पहुंची टेलीविजन कलाकार शिल्पा रायजादा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वह यहां अपनी बुआ से कथक के गुर सीखने आई हैं और कथक के जरिए अभिनय कला में जान डालने का प्रयास करेंगी। उन्होंने बताया कि वह स्टार प्लस के हमारी देवरानी की पद्मिनी से अभिनय की शुरूआत करते हुए स्टार प्लस में ये रिश्ता क्या कहलाता है, की सुरेखा गोयनका, माता की चौकी की सीता, जी टीवी में जोधा अकबर की शहनाज, वीर शिवाजी की बेगम रुकसार, कृष्णाबेन खाखरावाला की बंसरी, ठाकुर गर्ल्स की बिन्नी आदि विभिन्न किरदारों में अपनी अभिनय कला से जान फूंकने का काम किया है। वहीं वर्ष 2018 में लालकिला के प्रसिद्ध रामलीला में सीता का किरदार भी निभा चुकी हैं। मध्य प्रदेश के जबलपुर के कौड़िया गांव की पैत्रक निवासी और बैतूल जिले के गांव पाथाखेड़ा में जन्मी शिल्पा बताती हैं कि पहले तो उन्होंने नेगेटिव रोल्स में किस्मत आजमाई, लेकिन धीरे धीरे वह मेन लीड में शामिल हो गईं और आज उनके पास कई नए सीरियलों के ऑफर हैं। बताती हैं कि कभी कभी किसी किरदार में परंपरागत नृत्य कला की आवश्यकता होती है, लेकिन जानकारी के आभाव में या तो वह किरदार पीछे छूट जाता है या फिर अभिनय के साथ सही न्याय नहीं हो पाता। ऐसे में उन्हांने अभिनय से ब्रेक लेकर पहले कथक के गुर सीखने का मन बनाया है। शिल्पा के अनुसार सफलता के लिए जीवनभर काम करने की जरूरत होती है और काम करने से ही कला में निखार आता है। उनका मानना है कि एक महिला का संपूर्ण जीवन ही अलग-अलग किरदारों से भरा होता है। वह अभिनय के क्षेत्र में करीब दस से मेहनत कर रही हैं और अब तक करीब दर्जन भर अलग-अलग सीरियलों में विभिन्न किरदार निभा चुकी हैं।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages