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Tuesday, March 29, 2022

आपदा से निपटने में अवसरों की तलाश ही महत्वपूर्ण : अनीता

हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी में बेटियों को ऊंची उड़ान का कराया आभास

दो दिवसीय कार्यशाला में पोस्ट कोविड-19 चैलेंजेज़ एंड अपॉर्चुनिटीज विषय पर हुई चर्चा

फतेहपुर, शमशाद खान । डॉ0 भीमराव अम्बेडकर राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कोविड-19 के बाद की चुनौतियां एवं अवसर विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के प्रथम दिन उद्घाटन सत्र में इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रयागराज के जन्तु विज्ञान विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. अनीता गोपेश मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुईं। संगोष्ठी के प्रथम दिवस पर विषय से संबंधित लगभग 50 शोध-पत्र ऑनलाइन तथा ऑफलाइन मोड पर प्रस्तुत किए गए। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती पूजन तथा अतिथियों के स्वागत से हुई। 

कार्यशाला में मंचासीन प्राचार्या व अन्य अतिथि।

स्वागत वक्तव्य में महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. अपर्णा मिश्रा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए इस तथ्य पर प्रकाश डाला कि महाविद्यालय प्रत्येक वर्ष समसामायिक विषयों पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित करता है। इस वर्ष पोस्ट कोविड-19 चैलेंजेज़ एंड अपॉर्चुनिटीज विषय अत्यन्त महत्वपूर्ण है क्योंकि सिर्फ भारत ही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व इस महामारी से जूझने के उपरान्त इसके प्रभावों से उबरने के प्रयास में है। प्रो. अनीता गोपेश का स्वागत करते हुए डॉ. अपर्णा मिश्रा ने कहा कि प्रो0 गोपेश न सिर्फ जन्तु विज्ञान विषय की विदुषी प्रो0 रहीं हैं, बल्कि सामाजिक कार्यों से लगातार जुड़े रहने के कारण सामाजिक सरोकारों से हमेशा उनका परिचय रहा है। संगोष्ठी के संयोजक जन्तु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने सेमिनार का थीम प्रस्तुत करते हुए आशा व्यक्त किया कि दो दिवसीय संगोष्ठी में विषय से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण शोध-पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। उद्घाटन सत्र की मुख्य अतिथि तथा कीनोट स्पीकर प्रो. अनीता गोपेश ने विस्तार से कोविड-19 की विभीषिका तथा भारतीय समाज पर उसके दुष्प्रभाव का वर्णन किया। साथ ही प्रावासी मजदूरों की व्यथा को अत्यन्त मार्मिक ढ़ंग से प्रस्तुत करते हुए इस बात पर बल दिया कि कोविड-19 के बाद यह प्रयास किया जाना चाहिए कि ऐसी स्थिति दोबारा समाज के सामने न आए। साथ ही उन्होंने महामारी के आर्थिक, सामाजिक तथा राजनीतिक प्रभावों की विस्तार से चर्चा की। इसके उपरान्त राजनीति विज्ञान विभाग की छात्राओं ने अपने हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जिसमें एक से बढ़कर एक उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर स्किल डेवलपमेन्ट सेल द्वारा संचालित एफटीपी ब्लूम्स ब्राण्ड के लोगो का अनावरण मुख्य अतिथि द्वारा किया गया। प्रथम टेक्निकल सेशन में डीबीएस कॉलेज कानपुर से डॉ. माधुरी यादव, डॉ. मंजु भाष्कर रिसोर्स पर्सन्स रहीं तथा व्याख्यान प्रस्तुत किए। द्वितीय टेक्निकल सेशन में डॉ. ज्ञान प्रकाश, वनस्पति विज्ञान विभाग तथा डॉ. महेन्द्र कुमार, भौतिक विज्ञान विभाग रिसोर्स पर्सन्स रहे एवं पावर प्वॉइन्ट प्रजेन्टेशन के माध्यम से कोविड-19 के प्रभावों का वर्णन किया। महाविद्यालय की बीएससी तृतीय वर्ष की छात्रा कु. गौसिया सिद्दीकी ने भी शोध पत्र प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन संगोष्ठी के कोऑर्डिनेटर डॉ. प्रशान्त द्विवेदी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन सेमिनार की ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी अनुष्का छौंकर ने किया। संगोष्ठी के अन्य ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी राज कुमार तथा कोऑर्डिनेटर हेमन्त कुमार निराला सहित समस्त महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा। संगोष्ठी के द्वितीय दिवस में दो टेक्निकल तथा वैलिडिक्टरी सेशन्स आयोजित किए जाने है।


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