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Friday, March 4, 2022

सात मार्च से शुरू होगा मिशन इंद्रधनुष 4.0 का प्रथम चरण

गर्भवती और दो वर्ष तक के बच्चों को लगाए जाएंगे टीके 

फतेहपुर, शमशाद खान । जनपद में सात मार्च से आरंभ हो रहे मिशन इंद्रधुनष अभियान के लिये स्वास्थ्य विभाग की तैयारी तेज हो गई हैं। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान जिले में टीकाकरण से छूटे हुए दो वर्ष तक के बच्चों एवं गर्भवती को टीके लगाने के लिए जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी) पर आशा कार्यकत्रियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 

मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राजेंद्र सिंह व जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. इश्तियाक ने संयुक्त रूप से बताया कि शासन से प्राप्त दिशा निर्देश के क्रम में सात मार्च से सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान 4.0 प्रारंभ होगा। इसके अंतर्गत शून्य से दो वर्ष के बच्चों एवं टीडी टीके से वंचित रही गर्भवती को अच्छादित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में 2648 गर्भवती महिलाओं और दो वर्ष तक के 8080 बच्चों को मिशन इंद्रधनुष के अंतर्गत टीकाकरण किया जाएगा। मिशन इंद्रधनुष के लिए 2323 केंद्र बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि टीकाकरण से कोई भी बच्चा और गर्भवती छूटने न पाए, शत प्रतिशत टीकाकरण कराएं। अभियान में पोलियो, तपेदिक, खसरा, डिप्थीरिया, टिटनेस, डायरिया तथा हेपिटाइटिस. बी को रोकने के लिए सात टीके लगाए जाते हैं। इस अभियान के अंतर्गत यह टीका चिह्नित किए गए बच्चों और महिलाओं को घर-घर जाकर निःशुल्क लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब कोविड-19 का संक्रमण कम हो गया है, इसी को देखते हुए मिशन इंद्रधनुष के तहत टीकाकरण भी शुरू किया जाएगा। नोडल अधिकारी ने बताया कि सीएमओ कार्यालय में मिशन इंन्द्रधनुष 4.0 के लिए बनाए गए माइक्रोप्लान की समीक्षा भी की जा चुकी है। 

पत्रकारों से वार्ता करते सीएमओ व जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।

क्या है सघन मिशन इंद्रधनुष

सघन मिशन इंद्रधनुष दरअसल विशेष टीकाकरण अभियान है। शून्य से दो वर्ष तक के बच्चे और गर्भवती जो नियमित टीकाकरण से छूट जाते हैं, विशेष अभियान चलाकर उन्हें टीके लगाए जाते हैं। इस अभियान का नाम इंद्रधनुष इसलिए रखा गया है क्योंकि इंद्रधनुष में सात रंग होते हैं और इस अभियान के दौरान सात बीमारियों से प्रतिरक्षित करने के लिए टीके लगाए जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह टीकाकरण निशुल्क किया जाता है। इस अभियान के अंतर्गत बच्चों को सात खतरनाक बीमारियों-0 तपेदिक, पोलियो, हेपेटाइटिस.बी, डिप्थीरियाए काली खांसी, टिटनेस और खसरा से बचाव के लिए टीके लगाए जाएंगे। इसके अलावा अभियान में गर्भवती को टीडी का टीका लगाया जाएगा।


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