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Thursday, March 24, 2022

जिले में गोद लिए गए 259 क्षय रोगी

जिलाधिकारी व सीएमओ की मौजूदगी में हुआ आयोजन

मिशन 2025 के लिए स्वयंसेवी संस्थाएं भी आगे आईं

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। देश को वर्ष 2025 तक क्षय रोग यानि टीबी मुक्त बनाने के लिए हर दिन नए-नए प्रयास हो रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को जनपद में 259 टीबी रोगियों को गोद लिया गया। टीबी दिवस पर यह पहल राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से शुरू हुई। इसी तरह लखनऊ समेत प्रदेश के सभी 75 जिलों में टीबी रोगियों को गोद लिया गया।

कार्यक्रम में मौजूद डीएम, सीएमओ।

जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने कहा कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की पहल पर चित्रकूट में क्षय रोगियों को गोद लेने की व्यवस्था प्रारंभ की गई है। यह एक अच्छी पहल है। सभी गोद लेने वाले लोग टीबी मरीजों को स्नेहदान करेंगे। इससे समाज में बहुत ही धनात्मक ऊर्जा का संचार होगा। उन्होंने कहा कि हम सभी का प्रयास है कि क्षय रोगी भी जल्द स्वस्थ हों और अन्य स्वस्थ लोगों की तरह मुख्य धारा में जीवन यापन कर सकें। उन्होंने निर्देश भी दिया कि जो लोग क्षय रोगियों को गोद ले रहे हैं वह सभी नियमित फोन कर मरीज या उसके परिजन से हालचाल लेते रहें। उन्होंने छह रोग से ठीक हो चुके लोगों को बधाई दी और कहा कि जो लोग अभी क्षय रोग से ग्रसित हैं उनके मदद के लिए जिले के सभी डॉक्टरो के साथ वह स्वयं हर संभव मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी मिलकर प्रयास करेंगे की 2025 तक जनपद टीबी मुक्त हो जाए।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. भूपेश द्विवेदी ने कहा कि क्षय रोग का पूर्ण इलाज उपलब्ध है। इससे अब डरने की जरूरत नहीं है। लगातार छह माह तक इलाज लेने से यह बीमारी पूरी तरह से ठीक हो जाती है। उन्होंने कहा कि जिला क्षय रोग अधिकारी सुनिश्चित करें कि टीबी मरीज के पते और संपर्क नंबर सही से दर्ज हो। इससे मरीज से आसानी से संपर्क किया जा सकेगा। सीएमओ ने कहा कि यदि आपमें या आसपास के किसी व्यक्ति में टीबी का कोई लक्षण नजर आता है तो तत्काल बलगम की जांच कराएं। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. बीके अग्रवाल ने विश्व क्षय रोग दिवस के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कहा कि टीबी के लक्षण महसूस होते ही इलाज शुरू हो जाना चाहिए। गोद लेने वाले डिप्टी कलेक्टर सत्यम मिश्रा ने कहा कि मानव सेवा की सीख अपने माता और पिता से मिली है। पूरा प्रयास रहेगा कि इन रोगियों की दवा और जांच नियमित रूप चलती रहे। 

जनपद में वर्ष 2018 में 1619, वर्ष 2019 में 1887, वर्ष 2020 में 1607, वर्ष 2021 में 1793 टीबी से ग्रसित मरीज तलाशे गए थे। टीबी से ग्रसित मरीजों की स्क्रीनिंग में सरकारी कर्मियों और स्वयं सेवी संस्थानों ने भी सहयोग किया है। विश्व क्षय रोग दिवस से ही क्षय रोगियों को खोजने के लिए विशेष अभियान शुरू हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में यह अभियान 13 अप्रैल तक चलेगा। 


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